वाईएमसीए कर्मचारी द्वारा की गई हड़ताल

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फरीदाबाद | राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते जेसी बोस युनिवर्सिटी वाईएमसीए कर्मचारी एसोसिएशन फरीदाबाद, वर्कशॉप एम्प्लाइज एसोसिएशन जेसी बोस युनिवर्सिटी वाईएमसीए और जेसी बोस युनिवर्सिटी वाईएमसीए मिल कमेटी फरीदाबाद ने संयुक्तरूप से लंच टाइम में परिसर में रोष प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की। हड़ताल का समर्थन करते हुए एसोसिएशन ने युनिवर्सिटी कर्मचारियों की लंबित मांगों की लड़ाई लड़ने के लिए रणनीति तैयार की गई। इस कमेटी में विजय कुमार, अशोक कुमार, अवनीश गौड़, रीचा रानी, पूरन लाल, सतीश परेहा व दीपक सदस्य शामिल रहे। जॉइंट एक्शन कमेटी के संयोजक विजय कुमार दावा किया कि आज 26 नवंबर की हड़ताल पूरी तरह सफल रही। विजय कुमार ने बताया कि जेसी बोस युनिवर्सिटी वाईएमसीए कर्मचारी एसोसिएशन जो कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबंधित है। आज की हड़ताल के समर्थन में हम लोगों ने यह रोष प्रदर्शन किया है।
संयोजक विजय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की सार्वजनिक अपील के बावजूद ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकालने, समय पर वेतन न देने, रिटायर कर्मचारियों को मेडीकल सुविधा न देने और प्रमोशनों में किए जा रहे भेदभाव बरतने की घोर निन्दा की। उन्होंने कहा कि उपरोक्त इन सभी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक तरीके से भविष्य में भी इसी तरह एकता दिखाते हुए हम सभी अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
जेसी बोस युनिवर्सिटी वाईएमसीए कर्मचारी एसोसिएशन प्रधान अशोक कुमार ने कहा कि देशभर से आने वाले किसान-मजदूरों को दिल्ली आने से रोका गया, उन पर पानी की बौछार की गई। सड़क पर अवरोधक लगाकर जबरन रोका गया जिसके चलते केंद्र सरकार की दमनकारी नीति से आंदोलनकारियों में आक्रोश व्याप्त हुआ । कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम राष्ट्रीय व्यापी हड़ताल के समर्थन में एकत्रित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों को दमनकारी नीति से रोकना अलोकतांत्रिक है। शांति पूर्वक अपनी बात रखने का सभी को मौलिक अधिकार है।
विश्वविद्यालय परिसर में हुए रोष प्रदर्शन में मुख्य रूप से विजय कुमार, अशोक कुमार, अवनीश गौड़, रीचा रानी,पूरन लाल, सतीश परेहा, दीपक, आशीष, सतपाल वर्मा, कुशुम अरोड़ा, ललित मोहन, कृष्ण कवि, वरुण, सतपाल कल्याण, लेखराज, रमेश, मोनू सहित काफी संख्या में अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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