उद्योग मंत्री विपुल गोयल के प्रयासों से सेक्टर 7-10 के रिहायशी प्लाटों में चल रही दुकानों के मालिकों को राहत, हरियाणा सरकार ने किया नियमित

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फरीदाबाद :हरियाणा सरकार द्वारा शहर की  सेक्टर-7/10 की डिवाइडिंग रोड पर हाउसिग बोर्ड कालोनी में रिहायशी भवनों में चल रहे वाणिज्यिक संस्थानों को नियमित कर दिया गया है। इससे दुकानदारों व वाणिज्यिक संचालकों को बड़ी राहत मिल गई है।  इससे पूर्व व्यापारियों को सीलिग का डर सता रहा था, जिससे उन्हें अपनी लगाई हुई जीवन भर की जमा-पूंजी मिट्टी होते होते नजर आ रही थी। दुकानदारों की मांग पर स्थानीय विधायक एवं हरियाणा के उद्योग मंत्री श्री विपुल गोयल तथा बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा इस मार्किट को नियमित करवाने  के प्रयास में जुटे थे। आज चंडीगढ़ से ये खबर मिलते ही शहर के हज़ारों दुकानदारों ने मिठाई बांटी तथा उद्योग मंत्री श्री गोयल की अनुपस्थिति में उनका धन्यवाद किया।
 सेक्टर-10जे, आरडब्ल्यूए की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसमे  कहा गया था कि रिहायशी सेक्टर में वाणिज्यिक संस्थान चल रहे हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने 11 फरवरी को 95 वाणिज्यिक संस्थानो की सीलिग कर दी थी। इस दौरान कई संस्थानों ने इमारत के आगे खुद ही दीवार लगा दी थी। इस कार्रवाई के बाद सेक्टर-7-10 हाउसिग बोर्ड में दुकानें व व्यापारिक प्रतिष्ठान चलाने वालों को भी फिर से अपनी इमारतों की सीलिग होने की आशंका हो गई थी
व्यापारियों ने इस मुद्दे पर राहत के लिए  उद्योग मंत्री विपुल गोयल और  मूलचंद शर्मा  से मुलाकात की थी।  गोयल ने दुकानदारों को आश्वस्त किया था की वह पूरे प्रयास करेंगे ,ताकि दुकानदारों को राहत मिल सके और वह अपना व्यापार कर सकें।
 गोयल ने दुकानदारों की इस समस्या को गंभीरता से लिया। यह जानकारी मिली है कि इस मार्ग को मास्टर प्लान 2031 में वाणिज्यिक श्रेणी में शामिल किया गया है। इससे सेक्टर-7-10 हाउसिग बोर्ड में स्थित संचालकों को राहत मिल गई है। अब उन पर लटक रही सीलिग की तलवार हट गई है। इसके अलावा सेक्टर-9, 10 विभाज्य रोड पर हाउसिग बोर्ड कॉलोनी के दुकान संचालकों को भी राहत मिलेगी।
सरकार के फैसले के बाद अब बिना नक्शे के जो निर्माण हुए हैं, वे 6896 रुपये प्रति वर्ग गज भुगतान कर अपने भवनों को नियमित करवा सकते हैं। बृहस्पतिवार को ही शहरी निकाय मंत्री कविता जैन की ओर से इस बाबत निर्देश जारी हुए थे।

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