ट्रंप ने दी चीनी सामान पर आयात शुल्क बढ़ाने की चेतावनी

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वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि चीन के साथ व्यापार वार्ता ठीक नहीं रहती है तो 200 अरब डॉलर के चीनी सामान पर आयात शुल्क बढ़ाने के साथ ही वह बचे हुए चीनी सामान पर भी आयात शुल्क लगाएंगे।  ट्रंप का यह बयान इस हफ्ते अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में जी-20 शिखर सम्मेलन में से अलग चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच होने वाली मुलाकात से पहले आया है। इस बैठक में दोनों के बीच व्यापार तनाव कम करने के मुद्दे पर बातचीत होने की संभावना है।

 

स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक ट्रंप का कहना है कि यदि बातचीत में अमेरिका के लिए लाभ की स्थिति नहीं बनती है तो वह अन्य बची हुई उन चीनी वस्तुओं पर भी आयात शुल्क लगा देंगे, जो अभी शुल्क के दायरे में नहीं आती हैं। अखबार के अनुसार ट्रंप का कहना है कि इस बात की ‘संभावना बहुत कम’ है कि वह पहले से तय चीनी सामान पर आयात शुल्क वृद्धि को वापस लेने के चीन के अनुरोध पर सहमत हों। उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंचते हैं, तो मैं 10 प्रतिशत या 25 प्रतिशत की दर पर 267 अरब डॉलर के अतिरिक्त सामान पर भी शुल्क लगा दूंगा।

उन्होंने कहा चीन से आयात किए जाने वाले एपल के आईफोन और लैपटॉप पर भी आयात शुल्क लगाया जा सकता है। ट्रंप ने कहा, ‘‘ चीन हमारे साथ ऐसा (व्यापार में अनुचित व्यवहार) व्यवहार क्यों नहीं करेगा? जब हमने उसे ऐसा करने की अनुमति दी है। फिर चाहे पूर्व राष्ट्रपति ओबामा हों या उनसे पहले के राष्ट्रपति, उन सभी ने उसे ऐसा करने की अनुमति दी है।’’ उन्होंने कहा कि चीन के साथ व्यापार एकतरफा है।

हमें प्रतिवर्ष 375 अरब डॉलर का घाटा हो रहा है। ट्रंप ने कहा, ‘‘लेकिन व्यापार में हमें जिस धन का नुकसान हुआ, उससे वास्तव में हमने चीन के पुननिर्माण में मदद की और मैंने करीब एक साल पहले यह तय किया कि मैं ऐसा और नहीं होने दूंगा।’’ उन्होंने कहा कि अभी जो हो रहा है, उससे वह बहुत खुश हैं। अभी हमने अपने उस एक छोटे से हिस्से का उपयोग किया है जिसका हम उपयोग कर सकते हैं। यदि वह चाहें तो अभी 267 अरब डॉलर के चीनी आयात पर भी शुल्क लगा सकते हैं, और वह शुल्क की दर भी बढ़ा सकते हैं।

ट्रंप के अनुसार विश्व व्यापार संगठन के उभार के साथ ही चीन की आर्थिक ताकत बढ़ी है। यह एक आपदा है। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व व्यापार संगठन ने अमेरिका के साथ ‘अनुचित व्यवहार’ किया है और उन्हें अब अपने तरीके बदलने होंगे।’’ ट्रंप ने कहा कि वह चीन के साथ एक ‘उचित’ समझौता चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लब्बोलुआब यह है कि चीन को हमारे साथ उचित व्यवहार करना होगा। उन्होंने ऐसा अभी तक नहीं किया है। नहीं तो हमें बौद्धिक संपदा अधिकार की चोरी के मामले में कुछ और कार्रवाई करनी होगी।

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