गुजरात के हीरों पर ट्रेड वॉर की मार

0
355

 

कोलकाता: चीन और पश्चिम एशियाई देशों में हीरे की मांग घटी है। इससे चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में गुजरात के डायमंड कटिंग और पॉलिशिंग कारोबार में 10-15 पर्सेंट नौकरियां खत्म हो गई हैं। मांग में सुस्ती से पिछले चार महीनों में पॉलिश्ड डायमंड का भाव 6-10 पर्सेंट गिरा है। इंडस्ट्री के मुताबिक फिलहाल मांग बढ़ने की कम संभावना है।
जेम ऐंड जूलरी एक्सपोर्ट काउंसिल के वाइस-चेयरमैन कोलिन शाह ने ईटी से कहा, ‘पहले से ही गुजरात के डायमंड हब में 10-15 पर्सेंट नौकरियां जा चुकी हैं। इसका असर राज्य के सूरत, अमरेली के छोटे केंद्रों और भावनगर में पड़ा है। वैश्विक मांग में सुस्ती के साथ नकदी की कमी से व्यापार प्रभावित हुआ है। अमेरिका और यूरोप से मांग में स्थिरता बनी हुई है लेकिन एक बड़े बाजार चीन से मांग में 15-20 पर्सेंट कमी आई है। गल्फ देशों से भी डायमंड की कुछ खास मांग नहीं आ रही है।’

अमेरिका-चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध से भारतीय डायमंड कारोबार की चमक फीकी पड़ गई है। जुलाई में कट एंड पॉलिश्ड डायमंड का निर्यात पिछले साल की तुलना में 18.15 पर्सेंट कम रहा। चालू वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में निर्यात में 15.11 पर्सेंट कमी आई। इसी अवधि में जेम एंड ज्वैलरी के कुल निर्यात में 6.67 पर्सेंट गिरावट रही। सूरत डायमंड एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बाबू गुजराती के मुताबिक, गुजरात में हीरों के कारोबार से 20 लाख लोगों को रोजगार मिलता है। इनमें से 8 लाख लोग रफ हीरे की कटिंग और पॉलिशिंग करते हैं। भारत दुनिया में रफ डायमंड की कटिंग और पॉलिशिंग का सबसे बड़ा केंद्र है। ऐसा भी कहा जाता है कि दुनिया के 15 में से 14 रफ डायमंड की पॉलिशिंग यहीं होती है।

गुजराती का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से ही व्यापार पर सुस्ती का असर पड़ रहा है। हीरे के कारोबारियों ने हालात से निपटने के लिए शिफ्ट घटाई हैं। इसके अलावा कई लोगों की नौकरियां भी चली गई हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री धीरे-धीरे मौजूदा हालात से तालमेल बैठाने की कोशिश कर रही है।

शाह का मानना है कि दिसंबर-जनवरी के बीच कुछ रिवाइवल हो सकता है। जुलाई 2019 में जेम एंड ज्वैवरी का ओवरऑल ग्रॉस एक्सपोर्ट 11.08 पर्सेंट गिरकर 18,633.10 करोड़ रुपये का हो गया, जो पिछले साल 20,955.10 करोड़ का था। वित्त वर्ष 2020 के शुरुआती चार महीनों यानी अप्रैल- जुलाई में जेम एंड ज्वैलरी का ओवरऑल ग्रोस एक्सपोर्ट भी 6.67 पर्सेंट गिरकर 84,272.30 करोड़ रुपये का हो गया।

पिछले साल की इसी अवधि में यह 90,295.58 करोड़ रुपये रहा था। जुलाई 2019 में सोने के आभूषणों का निर्यात भी 5.62 पर्सेंट गिरकर 6626.92 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी समय में 7021.35 करोड़ रुपये रहा था। वहीं वित्त वर्ष 2020 में अप्रैल- जुलाई के बीच सोने के आभूषणों का निर्यात 2.11 पर्सेंट गिरकर 28359.43 करोड़ रुपये हो गया जो पिछले साल इसी अवधि में 28970.89 करोड़ रुपये रहा था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here