तिलपत धाम के वृद्धाआश्रम एवं गौशाला में श्री पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति की प्राण की गई प्रतिष्ठा

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फरीदाबाद:  तिलपत धाम के वृद्धाआश्रम एवं गौशाला में श्री पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई. इस मौके पर यहाँ पर हवन यज्ञ और भण्डारा का आयोजन किया गया. प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर इलाके के गणमान्य लोगों सहित एन सी आर से आए बहुत से लोग इस आयोजन में शामिल हुए।

आचार्य देव ने बताया कि हनुमानजी का यह एक दुर्लभ अवतार है, शास्त्रों में इस के बारे में बताया गया है कि रावण के भाई अहिरावण को मारने के लिए हनुमान जी ने पंचमुखी का अवतार लिया था। पंचमुखी हनुमान के पांच मुंह का पांच अलग अलग रूप है वानर मुख, गरुड़ मुख, वराह मुख, नरसिंह मुख, अश्व मुँह होते हैं. इस की पूजा करने से पांच तरह के लाभ एक साथ प्राप्त हो सकते हैं. बताया जाता है कि प्रतिमा के पहले वानर मुख से सारे दुश्मनों पर विजय मिलती है, दूसरे गरुड़ मुख से सारी रुकावटों और परेशानियों का विनाश होता है, तीसरे उत्तर दिशा के वराह मुख से लंबी उम्र, प्रसिद्धि और शक्ति मिलती है, चौथे दिशा के नृसिंह मुख से डर, तनाव व मुश्किलें दूर होती हैं, प्रतिमा के पांचवें अश्व मुख से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आचार्य देव ने बताया कि मंगलवार को पंचमुखी हनुमान के मंदिर में जा कर पूजा करने और लाल गुलाब के फूल चढ़ाना चाहिए। सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करने, गुड़ व चने का भोग लगाने, हनुमानजी के सामने बैठकर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से विशेष लाभ होता है। मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के मौके पर विशेष रूप से विश्व बन्धु महात्यागी, रामकृष्ण दास महात्यागी जी महाराज, बाबा वीरेन्द्र सहित फरीदाबाद के डिप्टी मेयर देवेन्द्र चौधरी, पार्षद जितेन्द्र यादव बिल्लू पहलवान, पंडित देव कुमार, सतपाल, रामरतन, पोपसिंह, भगत राज, रणजीत, जय नारायण, लालता प्रसाद, उमेश शर्मा, मास्टर रामरतन, खुशीराम शर्मा, एडवोकेट विवेक कौशिक, हर्ष धनराज आदि उपस्थित रहे।

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