नासा द्वारा की गई आलोचनाओं को अमेरिका ने नहीं दिया भाव

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वॉशिंगटन :भारत के ए-सैट मिसाइल परीक्षण के कारण अंतरिक्ष में जमा मलबे को लेकर नासा द्वारा की गई आलोचनाओं को अमेरिका ने ज्यादा महत्व नहीं दिया है। अमेरिका ने साथ ही कहा है कि दोनों देश अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपनो साझा हितों पर काम करना जारी रखेंगे। विदेश विभाग के उप-प्रवक्ता रॉबर्ट पलाडिनो की यह टिप्पणी नासा की ओर से बयान जारी होने के एक दिन बाद आई है।

उन्होंने कहा, ‘अंतरिक्ष में मलबे का मामला अमेरिका के लिए गंभीर है और मैं कहना चाहूंगा कि हमने भारत सरकार के बयान पर संदर्भ लिया है कि परीक्षण मलबे की समस्या से निपटने के लिए किया गया था।उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि पिछले सप्ताह हमने इस संबंध में कुछ बातचीत की थी। लेकिन जैसा कि हमने पहले भी कहा है, भारत के साथ हमारी मजबूत रणनीतिक साझेदारी है और हम वैज्ञानिक और तकनीकी से जुड़े अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग जारी रखेंगे। इसमें अंतरिक्ष से जुड़ी संरक्षा और सुरक्षा का मुद्दा भी शामिल है।’

भारत ने 27 मार्च को अपनी अंतरिक्ष क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अपने एक कृत्रिम उपग्रह को उपग्रह रोधी मिसाइल से मार गिराया था। देश के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके साथ ही भारत ऐसी क्षमता रखने वाले देशों अमेरिका, रूस और चीन के क्लब में शामिल हो गया है।

उल्लेखनीय है कि इसके बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने सोमवार को एस-सैट परीक्षण को ‘भयंकर’ करार दिया था। नासा प्रमुख ने कहा कि नष्ट किए उपग्रह से अंतरिक्ष की कक्षा में करीब 400 टुकड़ों का मलबा जमा हो गया और इस वजह से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) के लिए खतरा पैदा हो गया है।

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