हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने महाराष्ट्र सरकार को भी ठगने की बनाई थी योजना

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पंजाब नैशनल बैंक को हजारों करोड़ का चूना लगाकर देश से भागे हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने महाराष्ट्र सरकार को भी चूना लगाने की योजना बनाई थी। पनवेल के तहसीलदार द्वारा रायगढ़ कलेक्टरेट में जमा कराए गए दस्तावेजों में चोकसी से जुड़ा सनसनीखेज खुलासा सामने आया है।

चोकसी और उसके सहयोगियों ने गीतांजलि जेम्स लिमिटेड (जीजीएल) के लिए एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) बनाने के लिए 32 प्लॉट का पर्चेज ऑर्डर लिया था, लेकिन उनका असली मकसद कीमत बढ़ने पर इन जमीनों को बेचने का था। इनमें से 27 एकड़ जमीन पनवेल के चिरावत, संगुरली और तुरमाले गांवों में हैं और ये चोकसी के नाम पर हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि वह इन जमीनों को बेचकर मुनाफा कमाता। लेकिन चूंकि सेज नहीं बन पाया, इसलिए उसकी मंशा सफल नहीं हो पाई।’

पिछले साल अक्टूबर में रायगढ़ के कलेक्टर ने पनवेल के तहसीलदार को जीजीएल के स्वामित्व वाली जमीनों का पूरा ब्योरा मांगा था। इसपर तहसीलदार ने जवाब दिया कि जीजीएल के नाम पर कोई जमीन नहीं है। पिछले महीने, कलेक्टरेट ने तहसीलदार से एक बार फिर ब्योरा चेक करने को कहा, क्योंकि पनवेल में जीजीएल के प्रस्तावित सेज के लिए मार्च 2008 में विकास आयुक्त (उद्योग) द्वारा ऑर्डर जारी किया गया था।

तहसीलदार दीपक अकाडे ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट जमा कर दी। उन्होंने कहा, ‘प्लॉट के रेकॉर्ड से सामने आया कि वे जमीनें जीजीएल के नाम पर नहीं हैं।’

प्रस्ताविक एसईजेड को केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2017 में रद्द कर दिया गया था। जीजीएल के कर्मी ने राज्य के विकास आयुक्त (उद्योग) से दो बार मुलाकात की थी, लेकिन राज्य सरकार ने दो महीने बाद सेज की जमीन के परमिशन को पलट दिया।

ऐक्विटविस्ट संतोष ठाकुर ने कहा, ‘चोकसी ने भारी मात्रा में पैसे बनाने का धुर्त प्रयास किया था, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया।’

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