– उपायुक्त ने की दूसरे प्रदेशों के लोगों से अपील कि गुरूग्राम को छोड़कर ना जाएं, शेल्टर होम में रहे।

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गुरुग्राम 28 मार्च। देश के दूसरे प्रदेशों से गुरुग्राम में काम करने वाले ऐसे लोग जो अब लॉकआउट के दौरान गुरुग्राम को छोड़कर अपने प्रदेशों को पैदल जा रहे हैं, ऐसे लोगों के लिए गुरुग्राम जिला प्रशासन द्वारा शेल्टर होम अथवा रिलीफ कैंप की व्यवस्था की गई है।
उपायुक्त  अमित खत्री ने दूसरे प्रदेशों के गुरुग्राम में रहने वाले सभी परिवारों से अपील की है कि वे इस शहर को छोड़कर ना जाएं, उनके दिए राशन इत्यादि की व्यवस्था यही कर दी गई है। वे चाहें तो शेल्टर होम में भी रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री  मनोहर लाल के आदेश अनुसार एक शेल्टर होम शुक्रवार रात को ही आईएमटी मानेसर के पास दिल्ली जयपुर हाईवे पर बना दिया गया था जिसमें लगभग 350 लोगो के रहने की व्यवस्था की गई है। वहीं उन्हें पका पकाया भोजन मिलेगा। शुरू में यह शेल्टर होम मानेसर के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में बनाया गया था लेकिन वह जगह थोड़ी हाईवे से हटकर थी इसलिए राहगीरो ने वहाँ पर जाने में रुचि नहीं दिखाई। अंततः आज उस स्थान को बदलकर हाईवे की सर्विस लेन पर मानेसर गौशाला के नजदीक शेल्टर होम की स्थापना की गई है, जिसमें 350 लोगों के रुकने और खानपान की व्यवस्था है। चूंकि ज्यादा लोग आईएमटी मानेसर में काम करते हैं इसलिए मानेसर में बड़ा शेल्टर होम बनाया गया है। ने बताया कि मानेसर के शेल्टर होम मे काफी संख्या में लोगों ने दोपहर का भोजन लिया भी है और सभी शेल्टर होम में करने वाले लोगों के लिए भोजन की पूरी व्यवस्था होगी।
इसी प्रकार, दूसरा शेल्टर होम गुरुग्राम-सोहना रोड पर गांव भोंडसी के सामुदायिक हाल में बनाया गया है जिसमें लगभग 150 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि दो शेल्टर होम नगर निगम क्षेत्र में बनाए गए हैं जिनमें से एक भीम नगर के रैन बसेरे में बनाया गया है। यहां पर लगभग 40 लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है। नगर निगम क्षेत्र में ही कादीपुर गांव के पास एक अन्य शेल्टर होम बनाया गया है जिसकी क्षमता 50 व्यक्तियों की है।
खत्री ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए इन चारों शेल्टर होम में लोगों के लिए बिस्तरो, भोजन आदि की व्यवस्था की गई है। उन्होंने दूसरे प्रदेशों के गुरुग्राम में रह रहे जरूरतमंद लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा बनाए गए शेल्टर होम अथवा रिलीफ कैंप का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत हुई तो शेल्टर होम अथवा रिलीफ कैम्पस की संख्या बढ़ाई जाएगी।

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