मानव रचना के छात्रों ने अपने नाम किया राष्ट्रीय छात्र विश्वकर्मा अवॉर्ड

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फरीदाबाद: मानव रचना इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड स्टडीज के फैकल्टी ऑफ अप्लाइड साइंसिस के छात्रों ने राष्ट्रीय छात्र विश्वकर्मा अवॉर्ड अपने नाम किया है। छात्रों ने गहन शोध कर नैच्यूरोप्लास्ट का निर्माण किया है। नैच्यूरोप्लास्ट एक तरह की पैकेजिंग है, जो कि प्लास्टिक की पैकेजिंग का इस्तेमाल कम कर देगी। छात्रों के इस इनोवेशन ने AICTE-ECI-ISTE राष्ट्रीय छात्र विश्वकर्मा अवॉर्ड्स में तीसरा स्थान हासिल किया है।

‘प्रौद्योगिकी के माध्यम से ग्रामीणों के सशक्तिकरण’ की थीम के तहत छात्रों ने इसका प्रदर्शन किया, जिसकी काफी सराहना की गई। आपको बता दें, देशभर से 1600 टीमों ने इसमें हिस्सा लिया था, 114 टीम का सेमि फाइनल राउंड के लिए चयन किया गया, 18 टीम फाइनल राउंड में पहुंचने में कामयाब रही। मानव रचना के एमएससी न्यूट्रीशन एंड डायटेटिक्स छात्र मंदीप गुलाटी और बीटेक मकैनिकल के छात्र शाश्वत मलिक ने अपनी मेंटर लखविंदर कौर के साथ मिलकर इसका निर्माण किया और यह अवॉर्ड अपने नाम किया।

नैच्युरोप्लास्ट का उद्देश्य प्रदूषण को कम करना और प्लास्टिक पैकेजिंग को खत्म करना है। ‘नैनोरैप’ हरे केले से बनाया गया है। यह रैप सामाजिक और पर्यावरणीय प्रणाली के लिए मूल्यवान है। यह आसानी से पानी में घुल सकता है, इसकी कम लागत है, एंटी-माइक्रोबियल है और स्वच्छ भारत की दिशा में एक बड़ी पहल है।

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