मीटिंग में उठाया जाएगा श्रीसंत के बैन का मामला: विनोद राय

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नई दिल्ली:  भारतीय क्रिकेट के मामले देख रही प्रशासकों की समिति अगली बैठक में एस. श्रीसंत पर लगे आजीवन प्रतिबंध की चर्चा करेगी क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से इस तेज गेंदबाज की सजा पर पुनर्विचार करने को कहा है। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिट केएम जोसेफ की बेचं ने कहा कि बीसीसीआई की अनुशासनात्मक समिति श्रीसंत को दी जाने वाली सजा की अवधि पर 3 महीने के भीतर पुनर्विचार कर सकती है। बेंच ने स्पष्ट किया कि पूर्व क्रिकेटर को सजा देने से पहले उसकी अवधि के बारे में श्रीसंत का पक्ष सुना जाना चाहिए। Coa प्रमुख विनोद राय ने से कहा, ‘हां, मैंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बारे में सुना। हमें आदेश की प्रति प्राप्त करनी होगी। हम निश्चित रूप से Coa बैठक में इस मुद्दे को उठाएंगे।’

सीओए 18 मार्च को होने वाली बैठक में इंटरनैशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) अधिकारियों के साथ बोर्ड की डोपिंग रोधी नीति पर चर्चा करेगा। उसी दिन श्रीसंत के प्रतिबंध का मुद्दा भी उठ सकता है। बीसीसीआई के पास अब जस्टिस (रिटायर्ड) डीके जैन के रूप में नया लोकपाल और मध्यस्थ पीएस नरसिम्हा हैं जिनसे उम्मीद है कि फैसला जल्दी निकलेगा।

बीसीसीआई के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से सीओए का फैसला होगा क्योंकि इस पर शीर्ष अदालत के आदेश को लागू करने की जिम्मेदारी होगी। खन्ना ने कहा, ‘यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और निश्चित रूप से फैसला किए जाने की जरूरत है। मुझे भरोसा है कि सीओए की अगली बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा होगी। जहां तक श्रीसंत के क्रिकेट की मुख्यधारा में लाए जाने की बात है, तो मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।’

बीसीसीआई के पूर्व उपाध्यक्ष और केरल क्रिकेट संघ के वरिष्ठ अधिकारी टीसी मैथ्यू ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘मैं श्रीसंत के लिए बहुत खुश हूं। वह अपनी जिंदगी के छह महत्वपूर्ण वर्ष गंवा चुका है। मुझे नहीं लगता कि अगर प्रतिबंध हटा भी लिया गया तो वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल सकता है।’

मैथ्यू ने कहा, ‘लेकिन अगर बीसीसीआई सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनका प्रतिबंध हटा देता है तो वह क्रिकेट संबंधित करियर अपना सकते हैं। वह कोच, मेंटोर, या फिर पेशेवर अंपायरिंग में हाथ आजमा सकते हैं। वह इंग्लैंड में भी क्लब क्रिकेट खेल सकते हैं।’

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