कोविड-19 संक्रमण के फैलाव को रोकने के किए जारी की गई एसओपी

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पलवल। जिलाधीश नरेश नरवाल ने आपराधिक प्रक्रिया 1973 की धारा 144 व आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 2, 30 व 34 के तहत आदेश पारित कर कोविड-19 के फैलाव को रोकने के संबंध में सरकार द्वारा जारी सभी प्रकार की एसओपी, सर्विलांस संबंधी गाइडलाइंस, कंटेनमेंट जोन में कोविड-19 से संबंधित विशेष सावधानी की अनुपालना सुनिश्चित करवाने संबंधी आदेश जारी किए हैं तथा सभी इंसीडेंट कमांडर को निर्देश दिए है कि वे जरूरत के अनुसार संसाधनों का संग्रहण, अस्पतालों में सुविधाओं एवं वर्करों का विस्तार तथा सभी प्रकार की एसओपी की अनुपालना सुनिश्चित करवाएं। जिलाधीश ने आदेशों में बताया है कि कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव को रोकने के संबंध में जारी एसओपी की अनुपालना के लिए सभी एसडीएम व जिला अधिकारियों को जिम्मेवारी सौंपी जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 कंटेनमेंट में विशेष सावधानी बरतने तथा सर्विलांस संबंधी गाइडलाइन की अनुपालना सख्ती से करवाई जाए। इसी प्रकार कि धार्मिक स्थानों, पूजा स्थलों, होटल, रेस्टोरेंट, अन्य आतिथ्य इकाइयों, शॉपिंग मॉल आदि में पहले से जारी आदेशों की सख्ती से अनुपालना सख्ती से हो। सभी कार्यालयों व कार्य स्थलों पर कर्मचारी व अधिकारी अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु एप अवश्य इस्टॉल करें तथा सुरक्षा के सभी उपाय अपनाएं और अन्य लोगों को भी आरोग्य सेतु एप को मोबाइल फोन में इंस्टॉल करने व अपने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी निरंतर अपडेट करने बारे जागरूक करें। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए धारा 144 के तहत पहले से ही आदेश जारी कर सभी व्यक्तियों के लिए मास्क पहनना जरूरी किया हुआ है तथा सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इन आदेशों की अवहेलना करने पर 500 रुपए का जुर्माने का प्रावधान किया गया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है। जिलाधीश ने बताया कि कोरोना वायरस के व्यापक स्तर पर हस्तांतरण की संभावना के कारण यह मानव जीवन के लिए खतरनाक है।इसलिए शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से सभी प्रकार की एसओपी को जिला पलवल की सीमा में लागू करवाए जाने के उद्देश्य से आपदा प्रबंधन अधिनियम व आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत आदेश पारित किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि आरडब्ल्यूए सामाजिक दूरी की हिदायतों की पालना व जरूरी सेवाओं का प्रबंध सुनिश्चित करेंगी। अगर उनके क्षेत्र में किसी प्रकार की अवहेलना मिलती है तो वे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करेंगे। अगर किसी स्थिति में जिला प्रशासन व पुलिस को सूचना न देने की स्थिति में आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष या सचिव को जिम्मेवार माना जाएगा। उन्होंने बताया कि जिला में स्थापित तीन कंट्रोल रूम व टोल फ्री नंबर पर कोविड-19 से संबंधित सूचना दी जा सकती है, जिनमें उपायुक्त कार्यालय के कंट्रोल रूम 01275-298052 (सुबह 9 से शाम 5 बजे), 01275-248901 (24 घंटे 7), एसपी कार्यालय के नियंत्रण कक्ष 01275-256703, सिविल सर्जन नियंत्रण कक्ष 01275-240022, 108 (टोल-फ्री), टोल फ्री 1950 (24&7) शामिल है।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त उपायुक्त व सभी एसडीएम, ड्यूटी मजिस्ट्रेट व इन्सीडेंट कमांडर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, सिविल सर्जन, उपनिदेशक औद्योगिक, उपनिदेशक कृषि, जिला शिक्षा अधिकारी, नगर परिषद व नगर पालिका के कार्यकारी अधिकारी व सचिव, मार्किट कमेटी के सचिव तथा सभी थाना अध्यक्ष अपने क्षेत्र में सभी प्रकार की हिदायतों व प्रतिबंध की अनुपालना सख्ती से सुनिश्चित करेंगे। इन हिदायतों में किसी भी प्रकार की अवहेलना मिलने पर आईपीसी की धारा 188 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के तहत कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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