‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ योजना के तहत ई-खरीद पोर्टल पर किसानो की फसल का किया जा रहा पंजीकरण

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फरीदाबाद, 11 दिसंबर। मेरी फसल मेरा ब्यौरा योजना के तहत ई-खरीद पोर्टल पर किसानो की फसल के पंजीकरण का कार्य 31 दिसंबर 2019 तक किया जा रहा है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के परियोजना अधिकारी डा दिनेश कुमार व अन्य अधिकारियों की टीम ने बुधवार को जिला के गांव शाहपुरा में किसानों को इस बारे जागरूक करके उनके साथ फसल बीमा योजना के सुझाव साझा किए।
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, जमीन का खसरा नंबर, जमीन के मालिक का नाम आदि बताना होगा।
डा.दिनेश ने बताया कि पंजीकरण उसी किसान के नाम से करवाएं जिसके नाम से मंडी में फसल बेचने के इच्छुक हो। मेरी फसल मेरा ब्यौरा का उद्देश्य किसानों का पंजीकरण, फसल का पंजीकरण और खेतों का ब्यौरा करवाना है। किसानों के लिए एक ही जगह पर सारी सरकारी सुविधाओं की उपलब्धता एवं समस्या निवारण के लिए एक अनूठा प्रयास है। कृषि संबंधि जानकारियां समय पर उपलब्ध कराना, खाद, बीज ऋण एवं कृषि उपकरणों की सब्सिडी समय पर उपलब्ध कराना, फसल की बिजाई-कटाई का समय और मंडी से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना, प्राकृतिक आपदा विपदा के दौरान सही समय पर सहायता दिलाना, पंजीकृत किसानों के लिए कृषक उपहार योजना के उपहारों का लाभ जैसे ट्रैक्टर-ट्रॉली, कृषि यंत्र जैसे हेप्पी सीडर, रोटावेटर, साइकल व अन्य उपहारों का लाभ दिलाना शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पंजीकृत किसान मुख्यमंत्री किसान एवं खेतिहर मजदूर योजना के पात्र होंगे जैसे सांप के काटने, आसमानी बिजली से दुर्घटना, कुए की जहरीली गैस से दुर्घटना कृषि कार्य करते समय अंग भंग होना व मृत्यु होना। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि सभी किसान अपनी फसल का रिकार्ड इस पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत कराएं ताकि भविष्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व सरकार द्वारा फसल पर दिए जाने वाले मुआवजे में किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी किसान मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण कराने हेतु अपने साथ आधार कार्ड, मोबाइल, जमाबंदी व बैंक की पासबुक लेकर नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सी.एस.सी.) तथा मार्किट कमेटी कार्यालय में संपर्क करें।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में गेहूं, जौ,चना, सरसों, सूरजमुखी आदि की पांच फसलों को योजना के तहत कवर होंगी ।इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी फसल का निर्धारित समयावधि में पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।उन्होंने बताया कि गेहूं का प्रीमियम 382.43 रूपये की धनराशि पर 25492.22 रूपये की धनराशि का बीमा, जौ का प्रीमियम प्रति एकड़ 247.36 रूपये की धनराशि पर 16490.95 रूपये की धनराशि का बीमा, सरसों का प्रीमियम 233.71 रूपये की धनराशि पर 15580.41 रूपये की धनराशि का बीमा, चना की फसल पर 179.68 रूपये की धनराशि के प्रीमियम पर 11978.71 रूपये की धनराशि का बीमा और सूरजमुखी के 239.78 रूपये की धनराशि प्रति एकड़ के प्रीमियम पर 15985.10 रूपये की धनराशि का बीमा किया जाता है। इससे कम दर पर बिकने की स्थिति में भाव के अंतर की भरपाई प्रदेश सरकार द्वारा की जाएगी। डॉ दिनेश ने बताया कि किसानों की फसलें प्राकृतिक आपदा से खराब हो जाने पर 72 घण्टे के अन्दर कृषि विभाग में जानकारी लिखित में देनी होती है।
इसके अलावा उपमंडल अधिकारी (नागरिक) ,तहसीलदार और उप कृषि निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी लिखित में किसान फसल बीमा योजना के तहत शिरकत कर सकते हैं।
उपायुक्त अतुल कुमार ने बताया कि योजना के तहत पंजीकरण करवाने के लिए फसल एचआरवाई डॉट इन पर लिंक उपलब्ध है। पंजीकरण केवल निर्धारित अवधि के दौरान ही खुला रहेगा। सर्व सेवा केंद्र, ई-दिशा केंद्र, मार्केटिंग बोर्ड, बागवानी विभाग, कृषि विभाग और इंटरनेट क्यिोस्क पर पंजीकरण सुविधा उपलब्ध हैै। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना किसानो को उचित दाम दिलवाना सुनिश्चित करती है तथा यह योजना किसानों को फसल विविधिकरण की ओर प्रोत्साहित करने में एक सहायक कदम है।
उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए बताया कि किसान इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, मार्केटिंग बोर्ड के जिला विपणन प्रवर्तन अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने आगे बताया कि किसान टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2060,1800-180-2117 पर फोन करके भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे इस योजना के बारे में जानकारी प्राप्त करके इसके तहत अपनी फसल का पंजीकरण करवाएं और इस योजना का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त करें।

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