चुनिंदा कंपनियों को फायदा पहुंचा रहा रेलवे

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नई दिल्लीसरकारी कंपनी लिमिटेड (भेल) ने रेलवे बोर्ड से प्रोपल्शन सिस्टम सप्लाई करने के हाल के एक टेंडर में चुनिंदा कंपनियों की मदद करने की शिकायत की है। चेन्नै में रेलवे की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने 141 इलेक्ट्रिक ट्रेनों के लिए प्रोपल्शन सिस्टम खरीदने का एक टेंडर जारी किया था। रेलवे को नियमित तौर पर इंजन और इक्विपमेंट की सप्लाई करने वाली BHEL ने शिकायत की है कि इस टेंडर में केवल तीन भारतीय कंपनियों का पक्ष लिया गया था और उसे इससे बाहर रखा गया। प्राइवेट सेक्टर के एक अन्य संभावित बिडर ने अधिक समय मांगा है।

सोबती ने पत्र में कहा है, ‘मुझे बताया गया है कि बल्क टेंडर के लिए तीन कंपनियां पात्र हो सकती हैं, जबकि एकमात्र सरकारी कंपनी BHEL को बाहर किया गया है। अगर शर्तें नहीं बदली नहीं गईं, तो BHEL को अपनी प्रतिस्पर्धी बोली जमा करने का निष्पक्ष अवसर नहीं मिलेगा और प्रतिस्पर्धा कम होने से रेलवे को भी सबसे किफायती प्राइस मिलना मुश्किल हो सकता है।’

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी को लिखे एक पत्र में BHEL ने कहा है कि इससे कॉस्ट बढ़ सकती है। BHEL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल सोबती की ओर से लिखे गए इस पत्र में कहा गया है, ‘पात्रता के मापदंड में बदलाव के मद्देनजर BHEL को बड़े टेंडर के लिए मौके से वंचित किया गया है। पहले के टेंडर में पात्रता का मापदंड यह था कि कंपनी ने एक AC रेक (एक ट्रेन सेट) सप्लाई किया हो, इसे अब बढ़ाकर 10 कर दिया गया है।’ इस टेंडर की अनुमानित कॉस्ट 1,200-1,500 करोड़ रुपये की है। यह 15 नवंबर को खुल रहा है।

एक अन्य बड़े मैन्युफैक्चरर ने भी आरोप लगाया है कि टेंडर की शर्तें केवल एक भारतीय कंपनी का पक्ष ले रही हैं। मैन्युफैक्चरर ने कहा है कि इस बारे में जल्द ही कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को शिकायत की जाएगी क्योंकि टेंडर की शर्त ‘मेक इन इंडिया’ मापदंड को पूरा नहीं करती। इससे पहले फरवरी में डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी ऐंड प्रमोशन (DIPP) ने ट्रेन सेट प्रॉजेक्ट के इसी तरह के टेंडर को लेकर आपत्ति जताई थी।

रेलवे के लिए रोलिंग स्टॉक और वैगन बनाने वाली प्राइवेट सेक्टर की एक बड़ी कंपनी टीटागढ़ वैगन्स ने रेलवे से टेंडर की समयसीमा बढ़ाने के लिए कहा है जिससे बिड्स अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकें। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के जनरल मैनेजर एस मणि को लिखे पत्र में टीटागढ़ वैगन्स ने कहा है, ‘इस प्रॉजेक्ट की वॉल्यूम को देखते हुए टेंडर की समयसीमा कम है। हम इसे दो महीने बढ़ाने का निवेदन करते हैं।’

 

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