पाकिस्तान टीम के डिफेंडर अम्माद बट पर नियमों का उल्लंघन करने पर लगा एक मैच का प्रतिबंध

0
394

भुवनेश्वर : पाकिस्तान और मलयेशिया के बीच खेले गए पूल डी मैच में पाकिस्तान टीम के डिफेंडर अम्माद बट पर नियमों का उल्लंघन करने पर एक मैच का प्रतिबंध लगा है। अपने खिलाड़ी पर लगे इस बैन को पाकिस्तानी टीम ने षड्यंत्र करार दिया है और इस निर्णय के खिलाफ अपील की है। बुधवार को खेले गए इस मैच में बट्ट को खेल के नियम तोड़ने (जानबूझकर, लापरवाही और बेपरवाह ढंग से खेल के दौरान दूसरे खिलाड़ी को छू देने के लिए दोषी) का दोषी पाया गया। पाकिस्तान और मलयेशिया के बीच खेला गया यह मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। गुरुवार को जब पाकिस्तानी खिलाड़ी अम्माद बट्ट को तकनीकी प्रतिनिधि मंडल के सदस्य क्रिश्चन डेकनब्रोक ने दोषी पाया तो उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया। इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान टीम के मैनेजर और वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाड़ी रहे हसन सरदार ने भेदभाव का आरोप लगाया।

सरदार ने कहा, ‘यह निर्णय डच टेक्निकल डेलिगेट के सदस्य ने लिया है। उनका (नीदरलैंड) हमारे खिलाफ करो या मरो वाला मैच है, इसलिए हमारी टीम को कमजोर करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया।’ सरदार और पाकिस्तान टीम को लगा कि डेकनब्रोक नीदरलैंड से संबंध रखते हैं और उन्होंने अपनी टीम को लाभ पहुंचाने के मकसद से पाकिस्तानी खिलाड़ी पर यह कड़ा निर्णय लिया।
लेकिन अब सामने आ रहा है कि पाकिस्तानी टीम ने बिना पड़ताल करे ही टेक्निकल डेलिगेशन के सदस्य पर आरोप लगा दिया है। बट्ट को दोषी करार देने वाले डेकनब्रोक नीदरलैंड के नहीं बल्कि जर्मनी के हैं। यह बात FIH की वेबसाइट और दूसरे स्रोत भी कन्फर्म करते हैं।

अब पाकिस्तानी टीम ने इस निर्णय के बचाव में जो तर्क दिया है वह बेहद बचकाना लग रहा है और इससे उसे शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि FIH ने इस निर्णय के खिलाफ पाकिस्तान की अपील को स्वीकार कर लिया है और अब शनिवार को इस मामले में सुनवाई के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here