पाक पीएम इमरान खान ने कुलभूषण जाधव पर ICJ के फैसले की तारीफ की

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इस्लामाबाद: कुलभूषण जाधव मामले में इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान इसे अपनी जीत बताने में लगा हुआ है। पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय बुधवार को बयान जारी कर इसे अपनी सफलता बताने में जुटा रहा। आज पाक के पीएम इमरान खान ने भी इसे इस्लामाबाद की जीत बताते हुए कहा कि वह इस मामले में कानून के तहत आगे बढ़ेंगे। बता दें कि ICJ ने बुधवार को जाधव की फांसी पर रोक लगाने के आदेश देते हुए कहा था कि वह अपने फैसले पर फिर से विचार करे।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जाधव पर ICJ के फैसले का स्वागत करते हुए ट्वीट किया, ‘ICJ ने कुलभूषण जाधव को छोड़ने और भारत को वापस करने को नहीं कहा। वह पाकिस्तान के नागरिकों के खिलाफ अपराध का दोषी हैं। पाकिस्तान कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई करेगा।’फैसला आने के बाद बुधवार को पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में भी कहा गया था कि वह मामले में कानून के अनुसार आगे बढ़ेगा। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक ‘जिम्मेदार सदस्य’ के रूप में पाकिस्तान ने शुरू से ही मामले में अपनी ‘प्रतिबद्धता बरकरार रखी’ और बहुत कम समय के नोटिस के बावजूद सुनवाई के लिए अदालत में पेश हुआ।

बयान में कहा गया, ‘फैसला सुनने के बाद अब पाकिस्तान कानून के अनुसार आगे बढ़ेगा।’ बयान में दावा किया गया कि हेग स्थित आईसीजे ने अपने फैसले में जाधव को ‘बरी या रिहा’ करने की भारत की अर्जी स्वीकार नहीं की। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने यह दोहराया कि जाधव ने ‘किसी प्रामाणिक भारतीय पासपोर्ट पर किसी वीजा के बिना पाकिस्तान में हुसैन मुबारक पटेल के नाम से प्रवेश किया था।’

गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) ने अपने फैसले में कहा कि पाकिस्तान को भारतीय नागरिक की मौत की सजा की समीक्षा करनी चाहिए जो पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने ‘जासूसी और आतंकवाद’ के आरोप में सुनाई है। न्यायाधीश अब्दुलकावी अहमद यूसुफ की अध्यक्षता वाली आईसीजे पीठ ने जाधव को दोषी ठहराये जाने और उन्हें सुनाई गई सजा की ‘प्रभावी समीक्षा और पुनर्विचार’ का आदेश दिया।

भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (49) को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में हुई सुनवाई के बाद जासूसी और आतंकवाद के आरोपों पर फांसी की सजा सुनाई थी। उसके बाद भारत अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत पहुंचा था। नई दिल्ली में भारत ने अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) के फैसले का स्वागत किया, जिसमें पाकिस्तान को भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की मौत की सजा की समीक्षा करने और उन्हें राजनयिक पहुंच प्रदान करने के लिए कहा गया है।

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