माइंडट्री के प्रवर्तक एलऐंडटी के जबरन अधिग्रहण के प्रयास का करेंगे विरोध

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नई दिल्ली : सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी माइंडट्री के प्रवर्तकों का कहना है कि वे लार्सन ऐंड टुब्रो (एलएंडटी) द्वारा कंपनी के जबरन अधिग्रहण के प्रयास का एकमत से विरोध करेंगे। यह कंपनी के लिए एक गंभीर खतरा है। प्रवर्तकों ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘लार्सन ऐंड टुब्रो द्वारा जबरदस्ती किए जाने वाले अधिग्रहण का प्रयास हमारे उद्योग क्षेत्र की अप्रत्याशित घटना है। हमने अब तक जो प्रगति की है यह उसे बरबाद कर देगा और हमारे संगठन को बहुत पीछे ले जाएगा।’ माइंडट्री के जबरन अधिग्रहण का एलऐंडटी का प्रयास पिछले 20 सालों में हमारे द्वारा बनाए संगठन के लिए ‘गंभीर खतरा’ है और यह कंपनी के मूल्य का ह्रास करेगा। प्रवर्तकों ने इस जबरन कोशिश का ‘पूरी तरह विरोध’ किया है। बयान में कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन कृष्णकुमार नटराजन, सह-संस्थापक सुब्रतो बागची, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोस्टो रैवनन, कार्यकारी उप चेयरमैन एवं मुख्य परिचालन अधिकारी पार्थसारथी एन. एस. ने संयुक्त तौर पर बयान दिया है। सभी कंपनी के प्रवर्तक भी हैं।

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बयान में कहा गया है, ‘इस लेनदेन में हमें कोई रणनीतिक लाभ नहीं दिखता, बल्कि यह कंपनी के मूल्य में गिरावट लाएगा जिससे सभी शेयरधारक प्रभावित होंगे।’ उल्लेखनीय है कि एलएंडटी ने माइंडट्री में बहुलांश हिस्सेदारी के अधिग्रहण की पेशकश की है। कंपनी ने सोमवार रात को 66 प्रतिशत हिस्सेदारी की खरीद के लिए 10,800 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया।

एलऐंडटी ने कैफे कॉफी डे के मालिक वी.जी. सिद्धार्थ की माइंडट्री में 20.32 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक समझौता किया है। यह सौदा 3,269 करोड़ रुपये नकद में होगा। इसके अलावा उसने ब्रोकरों को माइंडट्री की 15 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खुले बाजार से खरीदने के लिए कहा है। इसके लिए कंपनी लगभग 2,500 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।

इन सौदों के साथ-साथ एलऐंडटी ने माइंडट्री में 31 प्रतिशत हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए 5,030 करोड़ रुपये की खुली पेशकश की है। इसके लिए कंपनी प्रति शेयर 980 रुपये का भुगतान करेगी। यह माइंडट्री के सोमवार को शेयर की बंद कीमत 962.50 रुपये पर 1.8 प्रतिशत प्रीमियम के बराबर है। इस प्रकार एलएंडटी माइंडट्री में लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी अधिग्रहण करने के लिए कुल 10,800 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।

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