मिडिल क्लास को मिल सकती है टैक्स छूट

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नई दिल्ली:  एनडीए सरकार, जुलाई में अपना पूर्णकालिक बजट पेश कर सकती है। दूसरे कार्यकाल के पहले पूर्ण बजट में सरकार मिडिल क्लास को ध्यान में रखते हुए कई राहत दे सकती है। लोकसभा चुनावों से पहले अंतरिम बजट पेश करने के बाद तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि यह तो ट्रेलर हैं, जब पूर्ण बजट जुलाई में पेश होगा तो उसमें मिडिल क्लास और नए मिडिल क्लास का ख्याल रखा जाएगा। इस वादे को निभाया जा सकता है। वित्त मंत्रालय ने पूर्ण बजट को लेकर इंडस्ट्री और इकॉनमिस्ट के साथ राय-मश्विरा करना शुरू कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार अंतरिम बजट में 5 लाख रुपये तक की आमदनी पर इनकम टैक्स छूट दी गई थी। इसे बरकरार रखा जा सकता है। इसके अलावा, पूर्ण बजट में मिडिल क्लास के लिए इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव किया जा सकता है। इनकम टैक्स निवेश छूट सीमा 1.50 लाख रुपये से बढाई जा सकती है। 50 सालों से चले आ रहे इनकम टैक्स कानून में बदलाव किया जा सकता है। सरकार ने इसके लिए अलग से टास्क फोर्स बनाया है। यह टास्क फोर्स 31 मई को अपनी रिपोर्ट दे सकती है। इसकी सिफारिशों को बजट में लागू किया जा सकता है।

आधार को केवाईसी के लिए लागू किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आधार का प्रयोग, बैंक खाते और मोबाइल सिम समेत कई वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए लेने के लिए अनिवार्य नहीं रह गया था। इसके बाद सरकार एक विधेयक लेकर के आई थी। इसमें आधार का प्रयोग केवाईसी के लिए करने का प्रावधान है। फिलहाल विधेयक लोकसभा में पास हो गया है और राज्यसभा में लंबित है।

इसके अलावा, सीनियर सिटिजन के लिए शुरू की गई पेंशन योजना की समय-सीमा को 2020 से बढ़ाकर 2024 तक किया जा सकता है। इस योजना के तहत वरिष्ठ नागरिक 15 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। पीएम आवास योजना के तहत होमलोन पर मिलने वाली सब्सिडी योजना को भी अगले पांच सालों के लिए बढ़ाया जा सकता है। गौरतलब है कि एक फरवरी को पेश अंतरिम बजट में पांच लाख तक की आमदनी पर इनकम टैक्स छूट दी गई थी। स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40 हजार से बढ़ाकर के 50 हजार कर दिया गया था।

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