मारुति सुजुकी बिक्री में गिरावट के बावजूद इन्वेस्टमेंट जारी रखेगी सुजुकी

0
297

 

नई दिल्ली:  मारुति सुजुकी बिक्री में गिरावट के बावजूद नई गाड़ियां बनाने और क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश जारी रखेगी। यह बात कंपनी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कही है। उन्होंने बताया कि कंपनी मार्केट लीडर के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए निवेश से कोई समझौता नहीं करेगी।मारुति सुजुकी की 38वीं ऐनुअल जनरल मीटिंग (AGM) को संबोधित करते हुए भार्गव ने कहा, ‘हम नए प्रॉडक्ट्स लाने वाले हैं, जिसके लिए निवेश किया जा रहा है। हमारी गुजरात मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में सेकंड लाइन शुरू हो गई है। थर्ड लाइन में अगले साल की पहली तिमाही से उत्पादन शुरू होगा। प्रॉडक्शन का मार्केट डिमांड से तालमेल बनाया जाएगा।’

हाल ही में बाजार में एंट्री करने वाली किआ और एमजी मोटर को क्रमश: सेल्टॉस और हेक्टर SUV के लिए बंपर बुकिंग मिली है। जब इस बारे में मारुति के चेयरमैन से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कंपनी SUV सेगमेंट में मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

भार्गव ने कहा, ‘देश में SUV की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। हमने हाल में इस सेगमेंट में XL6 पेश किया है। हमें SUV की अहमियत पता है। हम इस मार्केट को जल्द से जल्द कवर करने की पूरी कोशिश करेंगे।’

ऑटोमोबाइल कंपनियों ने कमजोर कंज्यूमर सेंटीमेंट के बीच बिक्री बढ़ाने के लिए पिछले कुछ हफ्तों में नए मॉडल लॉन्च किए हैं। कंपनियों ने खासतौर पर यूटिलिटी सेगमेंट पर फोकस रखा है। यह सही है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के सभी सेगमेंट में बिक्री गिर रही है, लेकिन UV के मुकाबले पैसेंजर कारों की डिमांड तेजी से घटी है। अप्रैल-जुलाई 2019 के बीच पैसेंजर कारों की बिक्री जहां 26 प्रतिशत गिरी है, वहीं UV का होलसेल वॉल्यूम सिर्फ 7 प्रतिशत कम हुआ है।

भार्गव ने कहा कि मौजूदा सुस्ती की दौर पहले के सभी स्लोडाउन से अलग है। आज मध्य वर्ग के ग्राहक कई परेशानियों से जूझ रहे हैं। इससे उनकी खर्च करने की क्षमता पर बुरा असर हुआ है। नए सुरक्षा नियमों में अपग्रेड, एमिशन स्टैंडर्ड्स बढ़ने और ऊंची इंश्योरेंस कॉस्ट से गाड़ियों की कीमत काफी बढ़ गई है।

मारुति के चेयरमैन ने कहा, ‘इंडस्ट्री में सुस्ती का दौर पिछले साल शुरू हुआ था। इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों में नौ राज्यों ने रोड टैक्स में तेज बढ़ोतरी की है। इससे ग्राहकों की कार खरीदने की क्षमता प्रभावित हुई है। ऑटोमोबाइल सेक्टर बड़े पैमाने पर रोजगार देने के साथ आमदनी बढ़ाता है। राज्यों को इस तरह के कदम उठाने पहले सोचना चाहिए कि अभी इंडस्ट्री सुस्ती के दौर से गुजर रही है।’

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री देश की मैन्युफैक्चरिंग जीडीपी में सबसे अधिक 49 प्रतिशत का योगदान देती है। उसने प्रत्यक्ष और परोक्ष तरीके से करीब 3.7 करोड़ लोगों को रोजगार दिया हुआ है। भार्गव ने कहा कि केंद्र के साथ राज्यों को भी लोकल ऑटोमोबाइल मार्केट में डिमांड बढ़ाने के समुचित उपाय करने चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here