मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पीयूष शर्मा के निर्देशन में लगाया कानूनी जागरूकता शिविर

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पलवल : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पीयूष शर्मा ने ह्यूमनिटी इज नॉट फॉर सेल विषय पर राजकीय उच्च विद्यालय बघौला में लगाए गए विशेष कानूनी जागरूकता शिविर में ग्रामीणों को कानूनी जानकारी दी व उनके अधिकारों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की ओर से बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं प्रदान की जाती हैं। बच्चे आज समाज का सबसे असुरक्षित हिस्सा हैं अत: प्राधिकरण की ओर से उन्हें संरक्षण दिया जाता है। हमारा कर्तव्य है कि प्रत्येक बच्चे के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उसके शारीरिक, मानसिक, नैतिक विकास पर भी ध्यान देना चाहिए। बच्चों को सभी प्रकार के दुव्र्यवहार, उपेक्षा व शोषण से संरक्षित करना जरूरी है। उन्होंने बच्चों के अधिकारों व उनके संरक्षण के लिए कानूनों तथा विधिक सेवा प्राधिकरण पलवल द्वारा दी जा रही सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने मानव तस्करी से निजात पाने के लिए भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत कानूनी प्रावधानों, अनैतिक व्यापार अधिनियम 1956, अनैतिक तस्करी निवारण अधिनियम 1986 के बारे में भी विस्तार पूर्वक जानकारी दी व साथ ही बाल हैल्पलाइन नंबर के बारे जागरूक किया।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता हंसराज शांडिल्य व पीएलवी अनिल कुमार ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987, बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986, किशोर अधिनियम 2015, बंधुआ मजदूरी अधिनियम 1976 व लैंगिक अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 के बारे में बताया। इस विशेष जागरूकता अभियान में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार बघेल व मुख्याध्यापक हितेश शर्मा ने बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।

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