डेथ बोलिंग की आर्ट सीख रहे हैं दीपक चाहर

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चेन्नै : इंडियन प्रीमियर लीग 2019 में चेन्नै सुपर किंग्स के स्पिनर्स ने शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन इस सबके बीच मीडियम-पेसर दीपक चाहर भी खामोशी से अपना काम करते चले आ रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने एक बार फिर चेन्नै के लिए शुरुआती विकेट झटके। चेन्नै की धीमी विकेट पर राजस्थान के इस युवा तेज गेंदबाज ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद केकेआर की टीम इनसे उबर नहीं पाई।

तीन ओवरों के अपने पहले स्पेल में उन्होंने सिर्फ 14 रन देकर क्रिस लिन, नीतीश राणा और रॉबिन उथप्पा के विकेट लिए। इसके बाद वह 19वां ओवर फेंकने आए और आंद्रे रसल जैसे आक्रामक बल्लेबाज के सामने सिर्फ 6 रन दिए।

चाहर पारी की शुरुआत में अपनी भूमिका बहुत अच्छे तरीके से निभा रहे हैं लेकिन मुंबई इंडियंस के खिलाफ मुकाबले में ड्वेन ब्रावो को हैमस्ट्रिंग इंजरी होने के कारण उन्हें पारी के अंत में भी गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। ब्रावो की चोट से पहले उन्होंने अपने आईपीएल करियर में ऐसा कभी नहीं किया था।

चाहर ने कहा, ‘ब्रावो के चोटिल होने से पहले मैं अपने सभी ओवर पारी की शुरुआत में फेंक रहा था। अब मेरे लिए डेथ ओवर्स में गेंदबाजी करना बेहद जरूरी हो गया है। मैंने हमेशा अपनी डेथ बोलिंग पर काफी किया है, लेकिन यह जिम्मेदारी मुझे दो आईपीएल मैचों में ही मिली है।’

उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि मुझ पर कोई दबाव है। मुझे जिम्मेदारी पसंद है। बेशक हम ब्रावो को मिस कर रहे हैं। वह हमारी टीम के लिए एक अहम खिलाड़ी हैं। लेकिन स्वयं को डेथ बोलर के रूप में साबित कर मुझे एक कंप्लीट बोलर बनने में मदद मिलेगी।’

किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ डेथ ओवर्स में चाहर की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। किंग्स को आखिरी 12 गेंदों पर 39 रन चाहिए थे जब 26 वर्षीय इस गेंदबाज ने लगातार दो गेंदें कमर से ऊपर फुल टॉस फेंकी थीं। इसके बाद धोनी उनसे नाराज नजर आए थे। चहार ने हालांकि जबर्दस्त वापसी की थी और अब वह उस घटना पर हंसकर बात करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘मुझे उस घटना के बारे में हजारों संदेश आए। सभी यही पूछ रहे हैं कि उन दो गेंदों के बाद धोनी भाई ने मुझे क्या कहा?’ मुझे लगता है कि वह गुस्सा थे। अगर मैं कप्तान होता तो मैं भी किसी बोलर के दो बीमर फेंकने पर गुस्सा होता। पहले आपको 12 गेंदों पर 39 रन चाहिए थे और यकायक 12 गेंदों पर 31 रन हो गए। वह उन गेंदों को फेंके जाने से नाराज थे। तो मैंने दूसरी गेंदें फेंकी।

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