बारिश के मौसम में जीका से हो सकती है जानलेवा बीमारी

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बारिश के मौसम में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में सिर्फ डेंगू और मलेरिया ही नहीं बल्कि जानलेवा बीमारी जीका से भी बचाव की बहुत ज्यादा जरूरत है। जीका तेजी से फैलता है और जल्द काबू में नहीं आता। गर्भवतियों के लिए भी यह बीमारी बेहद खतरनाक है क्योंकि इस वायरस के शरीर में प्रवेश करने पर न सिर्फ मां खुद बल्कि उसकी कोख में पल रहा बच्चा भी संक्रमित हो जाता है, जो बच्चे के विकास में परेशानी बनता है।

जीका के लक्षण
जीका से संक्रमित 5 में से 4 व्यक्ति में इसके शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। दो से सात दिनों के बाद लक्षण नजर आना शुरू होते हैं, जिनमें सिरदर्द, रैश, जोड़ों में दर्द, शरीर में दर्द, आंखों में जलन व लाल होना, बुखार, उल्टी आना, बेचैनी होना आदि शामिल हैं।

कैसे बचें
जीका से बचना है तो आपको मच्छरों से बचना होगा। घर में मॉस्किटो कॉइल का इस्तेमाल करें या मॉस्किटो किलर स्प्रे को यूज करें।

मच्छरदानी या मॉस्किटो रेपलेंट का इस्तेमाल करें।

संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।

पूरी बांह की शर्ट व नीचे भी फुल लेंथ पैंट्स पहनें ताकि मच्छरों से बचे रहें।

घर में यदि कहीं भी पानी इकट्ठा हो रहा हो तो उस जगह को साफ कर दें ताकि मच्छर न पनप पाएं।

जिन इलाकों में जीका फैला हुआ है वहां ट्रैवल करने से बचें।

नोट: जीका से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इसका अभी तक कोई वैक्सिनेशन इजात नहीं हो सका है ऐसे में अन्य दवाइयों के जरिए ही इसका ट्रीटमेंट किया जाता है। इलाज में देरी मरीज की हालत बिगाड़ सकती है जो उसके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

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