इन्फोसिस के मार्जिन में आई कमी

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बेंगलुरु देश की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस को इस साल की पहली तिमाही में अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ मिली है, लेकिन मुनाफे में कमी चिंता की वजह बन गई है। पिछली तिमाही में कंपनी का मार्जिन 20.5 पर्सेंट रहा, जबकि पूरे साल के लिए 21 से 23 पर्सेंट तक का लक्ष्य कंपनी ने तय किया था। कुछ साल पहले कंपनी को मिले 24-25 पर्सेंट के मार्जिन से तुलना करें तो यह काफी कम था। ऐसी स्थिति में कंपनी ने कॉस्ट कटिंग के जरिए अपने मार्जिन की कमी को पूरा करने का फैसला लिया है।

लागत में कमी की इस नीति के तहत इन्फोसिस ने अपने सीनियर एंप्लॉयीज यानी लेवल 7 तक के अधिकारियों की सैलरी में इजाफे को स्थगित कर दिया है। इसके अलावा वाइस प्रेजिडेंट और सीनियर वाइस प्रेजिडेंट और एग्जिक्युटिव वाइस प्रेजिडेंट लेवल के एंप्लॉयीज को सालाना मिलने वाले बोनस पर रोक लगा दी गई है। ऐसे 971 सीनियर अधिकारी हैं, जिनके बोनस को कंपनी ने कॉस्ट कटिंग की नीति के तहत रोका है। इन्हें 25 हजार से 35 हजार डॉलर तक का बोनस मिलता था।यात्राओं की बजाय विडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जोर
यही नहीं कर्मचारियों की यात्राओं को भी सीमित किया जा रहा है। एंप्लॉयीज को जरूरी यात्राओं पर ही भेजा जा रहा है। एक सीनियर एग्जिक्युटिव ने बताया, ‘पहले किसी भी यात्रा से पहले सिर्फ मैनेजर को बताना पड़ता था। अब बेहद सीनियर लेवल पर इसके लिए मंजूरी की जरूरत होती है।

यही नहीं कंपनी ने हायरिंग भी कम करनी शुरू कर दी है। इसकी बजाय मौजूदा कर्मचारियों को ही अधिक से अधिक उपयोगी बनाने और ज्यादा टास्क देने की नीति पर अमल किया जा रहा है। पिछली तिमाही में सिर्फ 900 नए एंप्लॉयीज ही इन्फोसिस से जुड़े हैं। टीसीएस में 12,000 नए एंप्लॉयीज की तुलना में यह काफी कम है।

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