गोल्ड महीने भर में 9% महंगा हुआ, 40 हजार तक जा सकते हैं 10 ग्राम के दाम

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नई दिल्ली:  गोल्ड में तेजी का माहौल बन गया है। गोल्ड की कीमत अपने उच्चतम स्तर पर है और उसने नया रेकॉर्ड बनाया है। आज एमसीएक्स पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स ने 0.70 फीसदी की उछाल के साथ 38525 का स्तर छुआ। वहीं, दिल्ली में  स्पॉट मार्केट में नया हाई बनाते हुए सोने के दाम 50 रुपये चढ़कर 38,470 रुपये के स्तर तक पहुंच गए।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि त्योहारी सीजन में गोल्ड 40000 रुपये प्रति 10 ग्राम से आगे जा सकता है। पीपी ज्वैलर्स के वाइस चेयरमैन पवन गुप्ता ने कहा कि इस वक्त घरेलू मार्केट में डिमांड नहीं है, इसके बावजूद गोल्ड के दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई कारणों से इंटरनैशनल मार्केट में गोल्ड में इन्वेस्टमेंट बढ़ रहा है। अगले माह से त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा। उसके बाद घरेलू डिमांड भी बढ़ जाएगी। ऐसे में गोल्ड में तेजी आना तय है। गोल्ड का अगला स्तर 39,000 रुपये का है। इसके बाद कोई बड़ी बात नहीं होगी, अगर गोल्ड 40,000 के लेवल को छू जाए।

पिछले एक महीने में ही घरेलू बाजार में गोल्ड के दाम 9 प्रतिशत बढ़ गए हैं। अगर चालू वित्त वर्ष की बात करें तो इसने अभी तक 21 प्रतिशत रिटर्न दिया है। लंदन और न्यू यॉर्क में गोल्ड हाजिर 6.65 डॉलर चढ़कर 1,502.95 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। सोमवार को अमेरिकी फ्यूचर मार्केट में गोल्ड के अक्टूबर के लिए फ्यूचर सौदे 4.80 डॉलर की बढ़त में 1,506.80 डॉलर प्रति औंस पर हुए। माना जा रहा है कि अगर तेजी इसी तरह से जारी रही तो गोल्ड इंटरनैशनल मार्केट में 1550 डॉलर या उससे ज्यादा के लेवल पर जा सकता है। प्रेमजीवालजी जूलर्स के हरेश सोनी का मानना है कि चीन और अमेरिका के बीच जारी ट्रेड वॉर के कारण इन्वेस्टर्स गोल्ड की तरफ रुख कर रहे हैं। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में भी स्लोडाउन की खबरों से शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट कम हो रहा है। ऐसे में गोल्ड में तेजी और बढ़ सकती है।

कमोडिटी गुरु जी चंद्रशेखर का कहना है कि अगर ट्रेड वॉर में अमेरिका के तेवर कुछ ढीले हो जाएं तो गोल्ड में करेक्शन आ सकता है यानी इसकी कीमतें कम हो सकती हैं। अमेरिकी प्रेजिडेंट डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर मामला सेटल करने की संभावना हालांकि कम ही लग रही है। अगर ट्रेड वॉर की आंच मद्धम पड़े तो ग्लोबल इकॉनमी में जो स्लोडाउन बढ़ रहा है, उसमें थोड़ा ठहराव आ सकता है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती थम सकती है। इसके बाद शेयर मार्केट में इन्वेस्टरों का रुझान बढ़ेगा।

 

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