इमरान खान ने हाफिज सईद के आतंकी संगठनों को बैन किया

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इस्लामाबाद : पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत की चेतावनी पर पाकिस्तान में खलबली साफ देखी जा रही है। पाकिस्तान को भारत की तरफ से एक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे बड़े ऐक्शन का खतरा सता रहा है। यही वजह है कि पाक पीएम इमरान खान ने बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) की एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान पाकिस्तान ने 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के आतंकी संगठन जमात-उद-दावा और उसकी चैरिटी विंग फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को बैन करने का आदेश दे दिया। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि NSC की बैठक के दौरान इन संगठनों को प्रतिबंधित करने का फैसला किया गया।

प्रवक्ता ने कहा कि पहले से ही इन दोनों संगठनों पर निगरानी रखी जा रही थी। उधर, पाकिस्तान की टॉप सिक्यॉरिटी बॉडी ने कहा कि पुलवामा हमले में उनका देश किसी भी तरह से शामिल नहीं था। आगे कहा गया कि हमले की कल्पना, साजिश और क्रियान्वयन स्वदेशी था यानी भारत की धरती पर हुआ। इस दौरान पीएम इमरान खान ने अपनी सेना से यह भी कहा कि अगर भारत ने कोई आक्रामक कार्रवाई की तो उसका पूरी दृढ़ता से जवाब दिया जाए।

हमले से पाक ने पल्ला झाड़ा
हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि इस घिनौनी हरकत का बदला लेने के लिए सुरक्षा बलों को खुली छूट दे दी गई है। रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक गुरुवार को बयान में कहा गया, ‘यह नया पाकिस्तान है और हम लोगों को बताना चाहते हैं कि देश उनकी रक्षा करने में पूरी तरह से सक्षम है।’ पुलवामा हमले को महज एक घटना के तौर पर जिक्र करते हुए बयान में कहा गया, ‘इस घटना की कल्पना, साजिश और क्रियान्वयन देश में ही हुआ।’

 

इमरान खान की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद जारी बयान के मुताबिक देश के टॉप नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने कहा कि पाकिस्तान सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि वह अपने लोगों की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम है। आपको बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा हमले के मद्देनजर यह बैठक देश के सुरक्षा हालात पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से ताल्लुक रखने वाले एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए अटैक में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे।

आपको बता दें कि NSC बैठक से पहले पीएम इमरान खान और आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा के बीच वन-टु-वन मुलाकात भी हुई। मीटिंग में आर्मी चीफ जनरल बाजवा, सर्विसेज चीफ्स, खुफिया एजेंसियों के प्रमुखों, सुरक्षा अधिकारियों के अलावा वित्त, रक्षा, विदेश और गृह विभाग के स्टेट मिनिस्टर्स भी शामिल थे।

बयान में भारत को संदेश देते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाकिस्तान के सशस्त्र बलों को यह अधिकार दिया है कि वह भारत द्वारा किए गए किसी भी आक्रामक कार्रवाई का पूरी दृढ़ता से और व्यापक जवाब दे। इससे पहले एक विडियो संदेश में खान ने कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर में हुए हमले में शामिल नहीं था। हालांकि भारत ने यह कहते हुए खान के बयान को खारिज कर दिया कि पाकिस्तान के आतंकियों से रिश्ते छिपे नहीं हैं और वहीं से संचालित जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि भारत को जरा भी हैरत नहीं हुई कि खान ने पुलवामा हमले को आतंकी हमला मानने से इनकार कर दिया। भारत ने कहा कि खान का यह कहना कि आप प्रूफ दीजिए, हम जांच करेंगे- यह एक कमजोर बहाना है।

 

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