बिजली अमेंडमेंट बिल व कृषि बिल के विरोध में किसानों के समर्थन में एचएसईबी वर्कर्स यूनियन उतरा मैदान में: सुनील खटाना ।

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फरीदाबाद | हरियाणा राज्य बिजली बोर्ड वर्कर्स यूनियन की केन्द्रीय वार्ता समिति के आवाहन पर प्रांतीय महासचिव सुनील खटाना की अगुवाई में केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीन कृषि विधेयक कानूनों के विरोध में और बिजली बिल संशोधन अधिनियम 2020 के खिलाफ सिंधु बॉर्डर पर हजारों कर्मचारियों के साथ अगुवाई करते हुए संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा को अपना समर्थन पत्र सौंपा व किसान साथियों को अपनी तरफ से हर संभव मदद देने का पूर्ण आश्वासन दिया । इस अवसर पर प्रांतीय महासचिव सुनील खटाना ने मंच पर मौजूद रहकर अपने वक्तव्य में कहा कि केंद्र की सरकार ने लोगों को भ्रमित कर वोट लेने का काम किया है । जिसका खामियाजा आज देश का समूचा वर्ग भुगत रहा है और सरकार के 6 वर्ष के शासनकाल में लोग सरकार की ऐसी नीतियों से बेहद परेशान हैं । जिसका जीता जागता उदाहरण देश का अन्नदाता आज सड़कों पर आन्दोलित है । लेकिन सरकार है कि अपनी हठधर्मिता पर अडिग है । लोकतंत्र में कोई भी कानून जनहित के लिए बनाया जाता है । पहली बार देश में ऐसा हो रहा है। कि कोई कानून जनहित में ना होकर पूंजीपतियों के हित में बनाया जा रहा है । जिस बिल का देश के किसान विरोध कर रहे हैं। आखिर वे बिल किसके लिए बनाया गया है। यह सोचने का विषय है आज देश की सत्ता चंद पूंजीपतियों की जागीर बन कर रह गई है। आज सरकार ने जिस तरह से सार्वजनिक क्षेत्र के उपकरणों को खुली बोली के माध्यम से निजी हाथों में बेचने का मन बना लिया है। आज सरकार बात तो मेक इन इंडिया कि करती है । लेकिन कार्य सेल्स इन इंडिया के रूप में कर रही है । आज बात करें बिजली क्षेत्र की परिवहन, रेलवे, कोयला, खनन, पेट्रोलियम, वायुयान या फिर देश के अन्नदाता किसान सभी जनता से जुड़े सार्वजनिक क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की सरकार पूरी तैयारी कर चुकी है । ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने देश के बड़े बड़े शरमायेदारों को लाभ पहुंचाने में बेचने में तत्परता दिखा रही है । आज शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार सहित कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा उनकी पेंशन की बात ना करके सरकार पेन्शन विहीनों के हक पर डाका डाल रही है । जबकि सत्ता आसीन नेताओं को कई कई पेंशन और अतरिक्त लाभ बेफिजूल के लुटा रही है । जो सरकार के भाव को सीधे भेदभावपूर्ण दर्शाता है । जिसके फलस्वरूप हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्स यूनियन देश के अन्नदाताओं किसानों के साथ खड़ा है और सरकार को चेताते हुए आगाह करता है । कि कृषि बिल के साथ साथ जो बिजली अमेंडमेंट बिल-2020 लेकर आई है । इन्हें तुरन्त रद्द करने का काम कर जनहित में फैसले ले । अन्यथा यदि इसके लिये कर्मचारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा या फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल करनी पड़ी तो उससे भी कर्मचारी एक इन्च भी पीछे नही हटेगा और सरकार का जनविरोधी फैसलों के खिलाफ किसानों के साथ साथ डटकर विरोध करेगा ।

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