हॉन्ग कॉन्ग में 3 महीने से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं, प्रदर्शन हिंसक होने के बाद 36 लोग गिरफ्तार

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हॉन्ग कॉन्ग: हॉन्ग कॉन्ग में प्रदर्शनकारियों की ओर से रात अधिकारियों पर लाठियों और लोहे की छड़ों से हमले किए जाने के बाद प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। घटना के बाद अब तक 36 लोगों को गिरफ्तार किया गया। एक प्रस्तावित प्रत्यर्पण विधेयक के खिलाफ शुरू हुए विरोध-प्रदर्शनों का दायरा तब बढ़ गया जब लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के जरिए पेइचिंग समर्थक सरकार को इसमें निशाना बनाया जाने लगा। प्रदर्शनकारी पिछले 3 महीनों से सरकार के खिलाफ सड़कों पर हैं। इस दौरान कई बार उनके प्रदर्शन ने हिंसक रुख भी अख्तियार किया।

सुएन वान जिले में एक निकटवर्ती खेल स्टेडियम में प्रदर्शनकारियों की एक रैली हुई। बारिश के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने इस रैली में हिस्सा लिया। कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने पुलिस को रोकने के लिए सड़क पर अस्थायी अवरोधक लगा दिए। रैली के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए चेतावनी के तौर पर पहले झंडे दिखाए और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। साथ ही पुलिस ने सड़कों पर पानी की बौछार करने वाले वाहन भी दौड़ाए।

इस दौरान संकेतों के जरिए प्रदर्शनकारियों को यह चेतावनी दी गई कि अगर वे नहीं हटेंगे तो जेट विमानों की तैनाती की जाएगी। इसके जवाब में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस के साथ उनकी हिंसक झड़प हुई। टीवी फुटेज में दिखाया गया कि पानी की धार छोड़ी गई। यह शायद चेतावनी या परीक्षण के लिए था क्योंकि पानी की धार प्रदर्शनकारियों तक नहीं पहुंची। लाठियां और लोहे की छड़ें लिए प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने अधिकारियों को सड़कों पर दौड़ाया जिसके बाद अधिकारियों ने अपने बचाव के लिए हाथों में शील्ड (बचाव कवच) ले लीं।

पुलिस ने बताया कि एक अधिकारी जमीन पर गिर पड़ा। प्रदर्शनकारियों से घिरने के बाद उसने अपनी पिस्तौलें निकाल लीं और चेतावनी स्वरूप गोली चलाई। पुलिस का कहना है कि गैर-कानूनी तरीके से एकत्रित होने, आक्रामक हथियार रखने और पुलिस अधिकारियों पर हमला करने के मामले में उन्होंने 12 वर्षीय एक बच्चे सहित 36 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इससे पहले पुलिस ने कहा था कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की स्थिति में सिर्फ निगरानी कैमरों और कई नोजलों से युक्त वाहनों का इस्तेमाल किया गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा खास तौर पर इस्तेमाल किए जाने की वजह से हॉन्ग कॉन्ग की मेट्रो सेवा-एमटीआर को कुछ जगहों पर बंद कर दिया गया था। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार ने उनके शांतिपूर्ण आंदोलन का जवाब नहीं दिया इसलिए उन्हें हिंसक रुख अपनाना पड़ा।

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