हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियों की दी जानकारी।

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चंडीगढ़। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा चलाई जा रही गतिविधियों, कार्यों की जानकारी दी। प्रदेश में बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियों का संचालन करने वाली परिषद् का पिछले डेढ़ वर्षो से कार्यभार संभाल रहे मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने परिषद् की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद् 1971 में अस्तित्व में आई। यह एक स्वैच्छिक संस्था है। जिसके प्रधान के रूप में राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य व उप प्रधान के रूप में मुख्यमंत्री मनोहर लाल पद को सुशोभित कर रहे हैं। हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद का मुख्य उद्देश्य बाल कल्याण है। यह संस्था अनाथ, बेसहारा और उपेक्षित बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की बाल कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। जिनका लाभ प्रदेश के लाखों बच्चों को मिल रहा है। कृष्ण ढुल ने कहा कि जब उन्होंने मानद महासचिव के रूप में पद ग्रहण किया। उस समय परिषद् में कई अनियमितताएं और फंड का बेहद अभाव था। जिसको उन्होंने सरकार व समाज सेवी संस्थाओं के माध्यम से बजट को बढ़ाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि बाल विकास से जुड़ी अनेकों गतिविधियों का उन्होंने विस्तार किया व कई नई स्कीमें बाल कल्याण के लिए लांच की गई। उन्होंने विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं व लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे बाल कल्याण में अपना अहम योगदान दें।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद को हरियाणा सरकार द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से वार्षिक वित्तीय बजट वर्ष 2018- 19 व 2019-20 में 10 करोड़ पारित किया गया। जबकि 2015-16 व 2016-17 में यह 6 करोड व 2017-18 में आठ करोड़ ही था। इस वर्ष 2019-20 में प्रयत्न रहेगा कि हरियाणा सरकार से परिषद् के लिए 25 करोड़ का बजट पारित हो सके। ताकि बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियां निरंतर व निर्बाध रूप से चलती रहे।
मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने कहा कि उन्होंने बाल कल्याण के लिए कई नई स्कीमें चलाई हैं। जिनमें चाइल्ड गाइडेंस एवं काउंसलिंग केंद्र- जुलाई 2018 से परिषद ने 75 चाइल्ड गाइडेंस एवं काउंसलिंग केंद्र चलाने शुरू किए हैं। जिनमें अब तक लगभग पचास हजार 500 बच्चे लाभान्वित हुए हैं।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने संस्कारों और संस्कृति को व्यवहारात्मक बढ़ावा देने के लिए नैतिक शिक्षा केंद्र चलाना शुरु किए हैं। जिसके तहत 25 कैंप चलाए गए तथा 15164 लाभार्थी लाभान्वित हुए।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा 45 कौशल विकास केंद्र स्थापित किए गए हैं। जिनसे 1450 लाभार्थी लाभान्वित हुए हैं।
सामाजिक समानता- समाज में भाईचारे सद्भाव व समानता को बढ़ावा देने के लिए परिषद द्वारा सामाजिक समानता के नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। जिसमें 1 वर्ष के अंदर गरीब समाज के 98 बच्चों को स्कूलों में दाखिला करवाया गया है। सलम एरिया व गरीब बस्तियों में कोचिंग कक्षाएं खोली गई हैं। जिनमें लगभग 6080 बच्चों को शिक्षा दी गई है।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा 1899 लाइफ मेंबर बनाए गए हैं जो कि जिला परिषदों के संचालन में अपना अहम योगदान देते हैं। दो प्लैटिनम मेंबर जबकि तीन गोल्ड मेंबर बनाए गए हैं।
समन्वय स्कीम के माध्यम से बाल विकास से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए अधिक से अधिक सामाजिक संस्थाओं, प्राइवेट स्कूलों व समाज के लोगों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है।
3 नए बाल गृह स्थापित- 3 नए बाल गृह स्थापित किए गए हैं। जिनमें रोहतक, गुरुग्राम और फरीदाबाद शामिल है। जिनमें तीनों बाल गृहों के माध्यम से डेढ़ सौ से अधिक बच्चे आवासीय सुविधाओं के साथ निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेंगे।
– राज्य परिषद द्वारा वर्ष 19 सौ 81 से भारत सरकार के अधीन एडॉप्शन प्रोग्राम चलाया जा रहा है। जिसमें परिषद ने अब तक 547, जिनमें 179 लड़के व 368 अनाथ लड़कियां देश तथा विदेशों में गोद दिए गए हैं। परिषद् ने जून 2018 से अब तक 29 बच्चे जिनमें 13 लड़के और 16 लड़कियां पद ग्रहण करने के बाद देश तथा विदेशों में गोद दिए हैं। जिनमें से 23 बच्चे भारत में तथा छह बच्चे विदेशों में गोद दिए गए हैं।

शहीदों के बच्चों व परिवारों को आर्थिक सहायता- हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा शहीदों के बच्चों और परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में 2 लाख 51 हजार रुपए दिए गए हैं जो कि जिला भिवानी, झज्जर, रोहतक, रेवाड़ी तथा पलवल के रहने वाले हैं। इसके अतिरिक्त बच्चों के 18 वर्ष तक के शिक्षा के खर्च को भी परिषद् द्वारा वहन किया जाएगा।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद ने नशे पर प्रहार करते हुए लोगों में जागरूकता लाने के लिए 4 जुलाई 2019 को सिरसा में राज्य स्तरीय नशा निषेध समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक लोगों ने शामिल होकर नशे के खिलाफ संकल्प लिया।
हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा लगातार दूसरी बार राज्य स्तरीय हरियाली तीज समारोह का सफलतापूर्वक 3 जून 2019 को आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से लोगों को हरियाणवी संस्कार व संस्कृति के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में 15 हजार से अधिक लोगों ने शिरकत कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। इसके अलावा भी परिषद द्वारा 2018 में कई राज्य स्तरीय कार्यक्रम करवाए जा चुके हैं। रोहतक में हुए राज्य स्तरीय बाल महोत्सव समारोह वह मेले में 50 हजार से अधिक लोगों ने शिरकत की थी।
हरियाणा में 22 बाल भवन और 27 लघु बाल भवन चलाए जा रहे हैं। जिनमें बच्चों को विभिन्न तरह की शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है।
हरियाणा में अनाथ एवं बेसहारा व उपेक्षित बच्चों के लिए आठ बालगृह चलाए जा रहे हैं जोकि झज्जर, रेवाड़ी, 2 छछरौली, फरीदाबाद, रोहतक, गुरुग्राम में स्थापित किए गए हैं। जिनके माध्यम से बच्चों को निशुल्क शिक्षा व आवासीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
चार विशेष दत्तक एजेंसी जिनमें पंचकूला, झज्जर, हिसार और रेवाड़ी में स्थित है।
प्रदेश में नशे को रोकने के लिए पांच नशा मुक्ति केंद्र परिषद द्वारा स्थापित किए गए हैं। जिनमें जिला रेवाड़ी सिरसा नारनौल कैथल कुरुक्षेत्र में चलाए जा रहे हैं इन केंद्रों में नशों से पीड़ित लोगों का इलाज किया जाता है। अब तक परिषद् के नशा मुक्ति केंद्रों के माध्यम से 37500 से अधिक लोग नशा छोड़ मुख्यधारा में लौट आए हैं।
कृष्ण ढुल ने हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की भविष्य की योजनाओं के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने बाल कल्याण परिषद् की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए विजन 2025 बनाया है। प्रदेश को पूरी तरह से भीख मुक्त बनाना मुख्य लक्ष्य है।
बाल मजदूरी को जड़ से खत्म करना। “पढ़ेगा हरियाणा बढ़ेगा हरियाणा” और “बाल मजदूरी मुक्त हरियाणा” योजनाएं लागू करके बाल मजदूरी पर प्रहार कर बच्चों को शिक्षित कर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं, निजी स्कूलों और लोगों से किसी भी गांव को गोद लेकर बाल कल्याण से जुड़ी गतिविधियां, कार्य व बच्चों को निशुल्क शिक्षा, खेलकूद ट्रेनिंग आदि का प्रावधान किया जाएगा। इस अवसर पर सीनियर बाल कल्याण अधिकारी ओपी मेहरा, पूनम सूद, सरोज मलिक, मिलन पंडित, भगत सिंह, प्रदीप दलाल व बाल कल्याण परिषद के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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