मालदीव के संसद में हरिवंश ने पाक के हर आरोप की खोल दी पोल

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मालदीव्स की संसद में  पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे को उठाया, लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ी। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए पाकिस्तानी दल को जमकर लताड़ लगाई। राज्यसभा सांसद ने पाकिस्तान के अपने ही लोगों पर किए नरसंहार की याद दिलाते हुए आइना दिखाया।पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व नैशनल असेंबली के डेप्युटी स्पीकर कासिम सुरी और पाकिस्तानी सेनेटर कुर्रतुल ऐन मारी कर रहीं थी। भारतीय दल का प्रतिनिधित्व लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश कर रहे थे।

कासिम सुरी: फलस्तीन और रोहिंग्या के मुसलमानों पर अत्याचार का हवाला देते हुए उर्दू में कहा, ‘हम कश्मीर के बेबस मुसलमानों पर जो जुल्म और सितम हो रहे हैं उसे अनदेखा नहीं कर सकते। हमें उनके साथ होनेवाली नाइंसाफियों का पश्चाताप करना होगा। पाकिस्तान की पॉलिसी मजलूम और लाचार लोगों के साथ खड़े होने की है।

इसके बाद भारतीय दल की ओर से आपत्ति दर्ज की गई। इस पर मालदीव के स्पीकर ने कई बार डेप्युटी स्पीकर पॉइंट ऑफ ऑर्डर कहा। मालदीव के स्पीकर ने कहा, ‘एक वक्त में कोई एक वक्ता ही मंच पर अपनी बात रखेगा। भारतीय प्रतिनिधि दल ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर कीं मांग की है और मैं उन्हें यह देने जा रहा हूं।’ भारत की तरफ से राज्यसभा उपसभापति हरिवंश ने जवाब दिया।

RS उपसभापति हरिवंश:  मैं कड़े से कड़े शब्दों में पाकिस्तानी वक्ता द्वारा भारत के आतंरिक मुद्दे को इस मंच पर उठाने की निंदा करता हूं। इसके साथ ही हम इस समिट के मुख्य उद्देश्य से हटकर मुद्दे को पेश किए जाने का भी विरोध करते हैं। पाकिस्तान को जरूरत है कि वह राज्य समर्थित सभी आतंकवादी गतिविधियों और सीमापार आतंकवाद को खत्म करे ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।इसके बाद पाकिस्तानी प्रतिनिधि दल की ओर से सख्त प्रतिक्रिया आई, लेकिन राज्यसभा उपसभापति ने बोलना जारी रखा।

हरिवंश: जिस मुल्क ने अपने ही देश के एक क्षेत्र विशेष के लोगों का नरसंहार किया और जिसकी वजह से एक अलग देश का निर्माण हुआ, उन्हें क्या वाकई नैतिक अधिकार है कि वह किसी और मुल्क पर अंगुली उठाएं।

पाकिस्तानी सेनेटर कुर्रतुल ऐन मारी: मैं भारतीय वक्ता के इस आरोप (आतंक समर्थक) की कठोर शब्दों में निंदा करती हूं। पाकिस्तान आतंक समर्थक राष्ट्र नहीं बल्कि आतंकवाद से पीड़ित मुल्क है। आई एम सॉरी… लेकिन यह सच नहीं है। इन्हें आप ऐसा कहने के लिए कैसे अनुमति दे सकते हैं।

हरिवंश: पाकिस्तान ने पाक अधिकृत कश्मीर के नागरिकों को प्रताड़ित किया है। उनके संवैधानिक अधिकारों से उन्हें वंचित रखा है। जबरन पाक अधिकृत कश्मीर में कठपुतली प्रधानमंत्री की नियुक्ति की है जबकि एक क्षेत्र जो न देश है और न ही राष्ट्र की मान्यता उसके पास है।

इसके बाद पाकिस्तान के दोनों वक्ता भारत पर आरोप लगाने लगे। सदन में हंगामा होते देखकर स्पीकर ने दोनों देशों के प्रतिनिधि दल को शांत रहने की अपील की। स्पीकर ने कहा, ‘सदन में ऑर्डर मेंटेन करें।’

पाकिस्तानी सेनेटर कुर्रतुल ऐन मारी: मैं इसका पुरजोर विरोध करती रहूंगी। आप पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में किसी अन्य देश को दखल की अनुमति कैसे दे सकते हैं। आपको अब मुझे पॉइंट ऑफ ऑर्डर देना होगा।

 

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