वर्ल्ड कप में दिख रहा हार्दिक पंड्या का अलग अंदाज

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लंदन: हर क्रिकेट टीम में कुछ बड़े सितारे होते हैं, तो वहीं कुछ ऐसे खिलाड़ी होते हैं जो अपने खेल में अच्छे होते हैं और मौका पड़ने पर बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें ‘एक्स फैक्टर’ कहा जाता है। अकसर ऐसे खिलाड़ी के बारे में लोग कहते हैं- इस प्लेयर में वह एक्स फैक्टर है। ये वही खिलाड़ी होते हैं जो अपनी सोच और प्रतिभा से किसी मैच के परिणाम को बदलने की काबिलियत रखते हैं। वर्ल्ड कप की भारतीय टीम में ऐसे ही खिलाड़ी हैं-हार्दिक पंड्या।युवा ऑलराउंडर हार्दिक अपना पहला वर्ल्ड कप खेल रहे हैं जो मैदान पर अपनी एनर्जी और शानदार प्रतिभा दिखाते हैं। हार्दिक के लिए उनका सामना किसी विपक्षी टीम से नहीं बल्कि खुद से होता है। साल 2016 में टी20 इंटरनैशनल से भारत के लिए पदार्पण करने वाले हार्दिक स्पॉटलाइट में रहे, फिर चाहे मैदान पर हों या फिर बाहर।
समें कोई शक नहीं है कि यह तेज गेंदबाज-ऑलराउंडर काफी प्रतिभावान है, खासतौर से सीमित ओवरों के क्रिकेट में लेकिन सवाल हमेशा उनके ‘ऐटिट्यूड’ पर उठता है जो कई बार उनके खिलाफ जाता है।

सीमित ओवरों के क्रिकेट में सफलता हासिल करने के बाद हार्दिक को टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट में उतारने का फैसला किया। साल 2017 में उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच खेला। इस फैसले पर कई लोगों ने हैरानी जताई। उन्होंने अब तक 11 टेस्ट मैच खेले और 18 पारियों में कुल 532 रन बनाए जिसमें 1 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट में उनके नाम 17 विकेट भी दर्ज हैं।इसमें कोई शक नहीं है कि यह तेज गेंदबाज-ऑलराउंडर काफी प्रतिभावान है, खासतौर से सीमित ओवरों के क्रिकेट में लेकिन सवाल हमेशा उनके ‘ऐटिट्यूड’ पर उठता है जो कई बार उनके खिलाफ जाता है।

सीमित ओवरों के क्रिकेट में सफलता हासिल करने के बाद हार्दिक को टीम मैनेजमेंट ने टेस्ट में उतारने का फैसला किया। साल 2017 में उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच खेला। इस फैसले पर कई लोगों ने हैरानी जताई। उन्होंने अब तक 11 टेस्ट मैच खेले और 18 पारियों में कुल 532 रन बनाए जिसमें 1 शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। टेस्ट में उनके नाम 17 विकेट भी दर्ज हैं।इंटरनैशनल डेब्यू करने के करीब साढ़े तीन साल बाद हार्दिक ने सीमित ओवरों के लिए क्रिकेट टीम में जगह पक्की कर ली है। इसके अलावा उन्होंने कप्तान विराट कोहली का भरोसा भी जीता है और खुद कैप्टन भी उनकी सफलता पर गर्व करते हैं।ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड कप के अहम मुकाबले में हार्दिक को नंबर-4 पर महेंद्र सिंह धोनी से पहले भेजने का फैसला किया गया। हार्दिक ने ताबड़तोड़ अंदाज में खेल दिखाया और 27 गेंदों पर 48 रन की उम्दा पारी खेली। विराट कोहली उनके साथ बल्लेबाजी कर रहे थे और हार्दिक के चारों चौके और 3 छक्कों पर उन्होंने भी पूरा जश्न मनाया।

पाकिस्तान के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर भी इस ऑलराउंडर ने कमाल दिखाया और बल्ले तथा गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 19 गेंदों पर 2 चौके और 1 छक्के की मदद से 26 रन बनाए और 2 विकेट भी लिए। जब वह बल्लेबाजी करते हैं तो विपक्षी पर हावी होने की कोशिश करते हैं। जब बोलिंग करते हैं तो जब बाउंसर फेंकते हैं तो बल्लेबाज की बॉडी पर निशाना होता है।

हार्दिक का बल्लेबाजी अंदाज अलग है और वह जब मैदान पर होते हैं तो दर्शकों और उनके फैंस को उम्मीद रहती है कि अब कुछ होगा, अब कुछ खास होगा। उनसे उम्मीदें रहती हैं और वह मैच में रोमांच बढ़ा देते हैं। हार्दिक ने अलग ही ‘हिटिंग पावर’ विकसित की है। जब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में जीत दर्ज करने के बाद टीम इंडिया बाहर जा रही थी तो हार्दिक पीछे से धोनी के पास दौड़कर गए और उनकी पीठ पर चढ़ गए। धोनी खुद इससे पहले हैरान हुए, फिर मुस्कुराते हुए उन्हें और खुद को संभाला।

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