जीएसटी काउंसिल की बैठक, कई वस्तुओं पर टैक्स हो सकता है कम

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नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल की आज 31वीं बैठक दिल्ली के विज्ञान भवन में हो रही है। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हो रही बैठक में कई वस्तुओं से टैक्स कमी का फैसला लिया जा सकता है। इसके अलावा टैक्स अनुपालन को आसान बनाए जाने को लेकर कुछ विकल्पों पर विचार होना है। बताया जा रहा है कि काउंसिल की बैठक में फोकस आम आदमी से जीएसटी का बोझ कम करने पर है। सूत्रों के मुताबिक, 28 प्रतिशत के टैक्स स्लैब को तर्कसंगत बनाने के लिए कुछ वस्तुओं से को नीचे के टैक्स स्लैब में लाया जा सकता है। फिलहाल 28 प्रतिशत के ऊंचे कर स्लैब में 34 वस्तुएं हैं। ई वे बिल जारी करने पर नियम कड़े किए जाएंगे।

1 अप्रैल से नए जीएसटी रिटर्न फाइलिंग का ट्रायल शुरू हो सकता है। वाहनों के टायरों पर जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जा सकता है। इसके साथ ही डिजिटल कैमरा, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन, सेट टॉपबॉक्स, कंप्यूटर मॉनिटर, यूपीएस और प्रॉजेक्टर के अलावा कुछ निर्माण उत्पाद मसलन सीमेंट पर भी टैक्स कम हो सकता है। सीमेंट पर टैक्स की दर को घटाकर 18 प्रतिशत करने से सरकार पर करीब 20,000 करोड़ रुपये का सालाना बोझ पड़ेगा, इसके बावजूद यह कदम उठाया जा सकता है।

शीतल पेय, सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू उत्पाद, पान मसाला, धूम्रपान , वाहन, विमान, याट, रिवाल्वर और पिस्तौल और गैंबलिंग लॉटरी पर 28 फीसदी टैक्स लगता रहेगा। जीएसटी के पांच टैक्स स्लैब 0, 8, 12, 18 और 28 प्रतिशत हैं

सूत्रों के मुताबिक, देर से रिटर्न फाइलिंग पर जुर्माना कम हो सकता है। NIL टैक्सपेयर को अब 1000 रुपये जुर्माना देना होगा, जबकि टर्नओवर वाले व्यापारियों को 2 हजार रुपये जुर्माना देना होगा।

घर खरीदारों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा नहीं मिल रहा है इसलिए अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉजेक्ट पर जीएसटी को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी किया जा सकता है और इनपुट टैक्स क्रेडिट को खत्म किया जा सकता है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि 1,200 से अधिक वस्तुओं और सेवाओं में से 99 प्रतिशत पर 18 प्रतिशत या उससे कम जीएसटी लगेगा।

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