पाकिस्तान में पुलिस मुठभेड़ में दंपती के मारे जाने के खिलाफ प्रदर्शन

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लाहौर : पाकिस्तान में पंजाब पुलिस द्वारा आतंकवादियों से मुठभेड़ करार दी गई घटना में एक व्यक्ति, उसकी पत्नी और नाबालिग बेटी समेत चार लोगों के मारे जाने को लेकर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है। पीड़ितों के परिजनों और लोगों ने इसे फर्जी मुठभेड़ करार देते हुए प्रदर्शन किया। पुलिस ने लाहौर से 200 किलोमीटर दूर साहीवाल में राजमार्ग पर कार सवार एक परिवार के साथ इस कथित मुठभेड़ को अंजाम दिया। आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) ने बाद में इसे एक खुफिया सूचना पर आधारित ऑपरेशन बताया था। मुठभेड़ में मारे गए लोगों में किराना दुकान मालिक मोहम्मद खलील (42), उनकी पत्नी नाबीला (38), उनकी बेटी अरीबा (13) और कार चला रहे उनके मित्र जीशान जावेद शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि वह देश के वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल था। दंपती का नाबालिग पुत्र मामूली रूप से घायल हुआ था जबकि दो अन्य पुत्रियां बच गई थी।

उन्होंने दावा किया कि इस कथित मुठभेड़ के बाद वाहन से कोई हथियार नहीं मिला था। पीड़ितों के परिवार के सदस्यों और क्षेत्र के निवासियों ने लाहौर में विरोध प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगाया। प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस घटना को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार उस्मान बुजदार से रिपोर्ट मांगी है। प्रधानमंत्री ने इस घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के आदेश भी दिए हैं। डॉन की खबर के मुताबिक पंजाब के मुख्यमंत्री ने इस गोलीबारी में शामिल सीटीडी अधिकारियों की गिरफ्तारी के आदेश भी दिये है। पंजाब के महानिरीक्षक (आईजी) ने इस घटना की जांच के लिए एक संयुक्त जांच दल (जेआईटी) के गठन की घोषणा की।

सीटीडी ने कहा कि खुफिया जानकारी मिली थी कि आतंकवादी हथियारों एवं विस्फोटक पदार्थों के साथ साहीवाल की ओर जा रहे है। इसके आधार पर ही यह अभियान चलाया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने हालांकि सीटीडी के इस दावे का पुरजोर खंड़न करते हुए पाकिस्तानी अखबार डॉन को बताया कि पुलिस ने एक फर्जी मुठभेड़ में चार लोगों का कत्ल किया।

 

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