मोदी सरकार पहले 100 दिन में कौन-कौन से करेगी आर्थिक उपाय

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नई दिल्ली : चुनाव परिणाम के अप्रत्याशित रहने के बाद अब दलाल स्ट्रीट के विशेषज्ञों ने अटकलें लगानी शुरू कर दी हैं कि मोदी सरकार दूसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में कौन-कौन से आर्थिक उपाय करेगी। अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार,सुस्त मांग, कृषि क्षेत्र की कठिनाई की चुनौतियों के बीच सरकार को जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है। शुक्रवार को जहां आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी गई कि 30 मई से नई सरकार का कामकाज शुरू हो जाएगा, वहीं बताया जा रहा है कि वित्त और अन्य मंत्रालयों ने अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में नई सरकार के लिए उपाय तैयार कर लिए हैं। अपने चुनावी घोषणापत्र में बीजेपी ने भारत को 2025 तक 350 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाने का वादा किया था और 2022 तक कृषि क्षेत्र में आय दोगुना करने के वादे को दोहराया। अर्थव्यवस्था की धीमी रफ्तार से निपटने के लिए सरकार पहले 100 दिन में सबसे आसान टास्क को पूरा करने की तरफ देखेगी। कुछ अर्थशास्त्री बताते हैं कि सरकार पूर्ण बजट का इस्तेमाल कर सकती है जो कि जुलाई में पेश किया जाना है, ताकि मांग संबंधी मसले से निपटा जा सके। इस बजट में इनकम टैक्स में कमी शामिल हो सकती है, जो कि उपभोग को मजूबती देने का काम करेगा।

इसके अतिरिक्त 6 जून को आरबीआई की तरफ से संभावित रूप से 25 बेसिस पॉइंट की होने वाली कटौती भी मांग में गिरावट को सुधारेगी। आईआईएफएल इंस्टिट्यूट इक्विटीज के मुताबिक, रोजगार सृजन के लिए जीएसटी स्ट्रक्चर को आगे और सरल बनाने और एमएसएमई में इंसेटिव जैसे उपाय भी किए जा सकते हैं। जीएसटी टैक्स स्लैब में भी सिर्फ दो मुख्य दर हो सकते हैं, जो फिलहाल चार हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, बीजेपी के चुनावी घोषणापत्र में जीएसटी की प्रक्रिया को सरल करने की बात कही गई है और टैक्स कम्प्लायंस पर टाइम स्पेंट प्रति महीने एक घंटा कम किया जाएगा। इसमें टैक्स रेट में कमी, हायर टैक्स कलेक्शन का भी वादा किया गया है।

ब्रोकरेज फर्म बीओएफए-एमएल ने कहा कि मोदी सरकार को मिले नए जनादेश के कारण जलान कमिटी के लिए आरबीआई कैपिटल एक बार में वित्त मंत्री को दिलाना आसान रहेगा। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि आरबीआई कैपिटल से मंत्रालय पीएसयू बैंकों को धन मुहैया कराएगा। जलान कमिटी की रिपोर्ट जून में आने वाली है।

यूबीएस व्यापक नीतिगत सपॉर्ट की उम्मीद कर रहा है, जिसमें राजकोषीय इन्सेटिव शामिल है जो कि डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुरूप होगा। यह कॉमर्स और इंडस्ट्री मंत्री सुरेश प्रभु के मौजूदा बयान का उल्लेख करता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार नई औद्योगिक नीति पर काम कर रही है जो कि देश को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ेगा।

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