कनाडा हॉकी टीम ने किया शानदार काम

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भुवनेश्वर : बुधवार को जब हॉकी वर्ल्ड कप की शुरुआत होगी तो कनाडा के कप्तान बेल्जियम के कप्तान को टॉस के समय एक पेनेंट्स नहीं देंगे बल्कि वह इसके स्थान पर थॉमस ब्रिल्स को एक खत देंगे। खत जिसमें लिखा होगा कि कनाडा की टीम ने बालीगुडा में एक अनाथालय को दान दिया है ताकि वहां रहने वाले बच्चे हॉकी के अपने सपने को पूरा कर सकें। कनाडा की फील्ड हॉकी टीम जब तक टूर्नमेंट में रहेगी तब तक हर मैच में ऐसा करेगी।

कनाडा हॉकी वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच बुधवार को बेल्जियम के खिलाफ खेलेगी। बेल्जियम की टीम मजबूत है और उसे विश्व कप का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। कनाडा और बेल्जियम के अलावा ग्रुप सी में साउथ अफ्रीका और मेजबान भारत की टीमें हैं।

हालांकि पेनेंट्स न देने से बहुत ज्यादा पैसे नहीं बचेंगे लेकिन इस बड़े दिल के लिए कनाडा की टीम की तारीफ होनी चाहिए। यह टीम उन युवा बच्चों को खेलने में मदद करने का प्रयास है जिनके लिए यह आसान नहीं होता।
जो पैसे जमा होंगे उससे कुछ बच्चों को कलिंगा स्टेडियम पर कनाडा के मैच देखने के लिए भी बुलाया जाएगा।

इस पत्र में लिखा है, ‘हमारे वर्ल्ड कप मैचों में, फील्ड हॉकी कनाडा ने बालिगुडा/ओडिशा में एक अनाथालय को उनके हॉकी कार्यक्रम के लिए दान देने का फैसला किया है।’

इस आइडिया की शुरुआत तब हुई जब हॉकी विलेज इंडिया ऑर्गनाइजेशन चलाने वाली आंद्रिया थमश्रिन ने पहले भी कनाडा टीम से डोनेशन लिया है, ने ऐसा करने में मदद करने का पैसला किया।

आंद्रिया, जर्मनी की पूर्व हॉकी खिलाड़ी हैं। पिछले सात साल से भारत में रह रहीं आंद्रिया को कनाडा ने वर्ल्ड कप में टीम की मदद के लिए बुलाया था। कनाडा को उम्मीद है कि चूंकि आंद्रिया काफी समय से भारत में हैं तो वह यहां की परिस्थितियों से वाकिफ हैं और वह चीजों को सही तरीके से कर पाएंगीं।

जब नवभारत टाइम्स डॉट कॉम ने उनसे पूझा कि क्या वह भारत में किसी ऐसी जगह को जानती हैं जहां हॉकी खेलने वाले छोटे बच्चों को आर्थिक मदद की जरूरत हो ताकि उन्हें वह मुहैया करवाई जा सके?

तो उन्होंने कहा, ‘हां, मैं बालिगुडा के गांव में हॉकी कार्यक्रम का हिस्सा थीं। यहां एक अनाथालय के बच्चे हॉकी खेला करते थे।’

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