देश की चौथी सबसे बड़ी प्राइवेट इंटरनेट कंपनी बनी बायजूज

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बेंगलुरु: एजुकेशन टेक्नॉलजी कंपनी बायजूज ने कतर सरकार के फंड की अगुवाई में 15 करोड़ डॉलर का फंड जुटाया है। निवेश के इस दौर में सैन फ्रांसिस्को की आउल वेंचर्स भी शामिल हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस सौदे में कंपनी की कीमत 5.7 अरब डॉलर हो गई। इससे फ्लिपकार्ट, पेटीएम और ओला के बाद बायजूज देश की चौथी सबसे कीमती निजी इंटरनेट कंपनी बन गई। पिछले एक साल में निवेश के हर दौर में कंपनी का वैल्यू बढ़ी है।पिछले साल के आखिर में कंपनी ने प्राइवेट इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक से 2.5 करोड़ डॉलर का फंड जुटाया था, तब इसकी कीमत 3.6 अरब डॉलर से बढ़कर 5.4 अरब डॉलर हो गई थी। इससे बायजूज के संस्थापक रवींद्रन नए जमाने के सबसे अमीर उद्यमियों में शामिल हो गए थे। उनके पास कंपनी के 36 पर्सेंट शेयर हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1.9 अरब डॉलर है।

बेंगलुरु की कंपनी ने बताया कि हाल में जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार के लिए करेगी। वह ऐसे प्रॉडक्ट्स बनाएगी, जिनसे विदेशी छात्रों को कंपनी के प्लैटफॉर्म से जोड़ा जा सके। कंपनी ने हाल ही में डिज्नी के साथ साझेदारी में K-3 के बच्चों के लिए डिज्नी बायजूज अर्ली लर्न ऐप लॉन्च किया है। इसे खासतौर पर अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया को ध्यान में रखकर लाया गया है।

बायजूज के सीईओ रवींद्रन ने बताया कि भारतीय एजुकेशन टेक्नॉलजी कंपनियों में जानेमाने निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। इससे पता चलता है कि भारत वैश्विक स्तर पर डिजिटल लर्निंग स्पेस की अगुवाई कर रहा है। इससे हमें छोटे शहरों, इलाकों और नए बाजारों के लिए तकनीक आधारित लर्निंग प्रोग्राम बनाने में मदद मिलेगी।

बायजूज ने जनवरी में अमेरिका की एजुकेशन टेक्नॉलजी फर्म ऑस्मो को 12 करोड़ डॉलर में खरीदा था। कंपनी आने वाले सालों में फिजिकल-टु-डिजिटल टेक्नॉलजी की मदद से और प्रॉडक्ट्स लॉन्च करने पर ध्यान दे रही है। कंपनी ने दिसंबर में दावा किया था कि उसके पास 3 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर हैं, जिनमें से 20 लाख सर्विस के बदले फीस भी दे रहे हैं।

 

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