ओमान सागर में तेल टैंकरों पर हमला

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वॉशिंगटन: ओमान सागर में दो तेल टैंकरों पर हमला हो गया। दोनों टैंकरों से आग की तेज लपटें उठती देखी गईं और किसी तरह से चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया। टैकरों पर यह हमला पारस की खाड़ी के करीब ओमान सागर में हुआ है, जहां से दुनिया भर में कच्चे तेल की करीब 40 पर्सेंट सप्लाई होती है। घटना में सभी नाविकों को बचा लिया गया है। इस हमले के बाद तेल की कीमतों में इजाफा हो गया।

अमेरिकी क्रूड में भी 4.5 पर्सेंट की बढ़ोतरी हो गई।कुछ सप्ताह पहले ही इसी तरह का एक और हमला हुआ था। इन हमलों के बाद से तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका ने इस मामले में ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इससे पहले मई में हुए हमले को लेकर भी अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया था।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस हमले को लेकर सीधे तौर पर कहा कि इंटेलिजेंस के मुताबिक इस अटैक में ईरान का ही हाथ है। होरमुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास हुए इस हमले के बाद से कच्चे तेल के दामों में 4 फीसदी तक का इजाफा हुआ है। सऊदी अरब के लिए यह कच्चे तेल की जहाजों की सप्लाई का महत्वपूर्ण रूट है।

तेल सप्लाई से जुड़ी इंटरटैंको टैंकर असोसिएशन के चेयरमैन पाओलो डी’ अमिको ने कहा, ‘यदि जल क्षेत्र भी सुरक्षित नहीं रहा तो फिर पूरे पश्चिम जगत के लिए तेल की सप्लाई पर रिस्क होगा।’ हालांकि अमेरिकी विदेश मंत्री पॉम्पियो ने ईरान पर आरोप जरूर लगाया, लेकिन हमले में उसकी संलिप्तता को लेकर कोई सबूत नहीं दिया।

बता दें कि मई में अमेरिकी की ओर से सैन्य कार्रवाई की धमकी दिए जाने के बाद से दोनों देशों में तनाव है। पॉम्पियो ने कहा कि इन दो तेल टैंकरों पर हमला ईरान की ओर से हिंसक कार्रवाई का ताजा उदाहरण है। पॉम्पियो ने कहा कि बिना किसी उकसावे के किए गए इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के समक्ष खतरा पेश किया है।

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