फूड बिजनस से निकल जाएगी ऐमजॉन

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सरकार ने अगर फॉरन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट पर ताजा गाइडलाइंस में अगले महीने तक बदलाव नहीं किया तो केवल फूड प्रॉडक्ट्स से जुड़ी ऐमजॉन की रिटेल बिजनस यूनिट अपने उत्पाद एमेजॉनडॉटइन पर बेचना बंद कर देगी। यह इस पहल के लिए बड़ा झटका होगा क्योंकि ऐमजॉन इकलौती विदेशी रिटेलर है, जिसने फूड रिटेल सेगमेंट में 50 करोड़ डॉलर (करीब 35 अरब रुपये) निवेश का संकल्प किया है।

यह सेगमेंट 2016 के मध्य में विदेशी कंपनियों के लिए खोला गया था। इस मामले से वाकिफ लोगों ने यह भी बताया कि फ्यूचर रिटेल में स्टेक खरीदने की ऐमजॉन की योजना में भी देर हो सकती है। सरकार ने ई-कॉमर्स एफडीआई पर एक नोटिफिकेशन जारी किया था।

उसमें मार्केटप्लेस पर अपनी सहयोगी कंपनियों के प्रॉडक्ट्स बेचने से रोक लगा दी गई थी। नई नीति के नियम पहली फरवरी से लागू होंगे। एक सूत्र ने बताया, ‘ऐमजॉन रिटेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कुछ खाद्य सामग्री ऐमजॉनडॉटइन पर बेचती है। नए मार्केटप्लेस रेग्युलेशंस का पालन करने के लिए वह 1 फरवरी के बाद यह बिक्री बंद कर देगी।’

एआरआईपीएल के बारे में ईटी के सवालों पर ऐमजॉन के प्रवक्ता ने कहा, ‘भारत में हम इस तरह से निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसका तालमेल किसानों और ऐग्रिकल्चर कम्युनिटी के बारे में सरकार के विजन से बन सके। अभी हम ताजा गाइडलाइंस पर विचार कर रहे हैं।’

सरकार ने ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट सहित एफडीआई फंडिंग वाली ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नियम दिसंबर में कड़े कर दिए थे। सरकार ने कहा था कि ऐसी इकाइयां इन्वेंटरी पर ओनरशिप या कंट्रोल नहीं रख सकती हैं। सरकार ने कहा था कि इन कंपनियों को वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और ऐडवर्टाइजिंग जैसी सेवाएं सभी सेलर्स को बिना किसी भेदभाव के देनी होंगी। सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों के ऐसे करार करने पर भी रोक लगा दी थी, जिसके तहत प्रॉडक्ट्स की एक्सक्लूसिव बिक्री की जाती हो।

सरकार ने फूड रिटेल वेंचर में 50 करोड़ डॉलर (करीब 35 अरब रुपये) निवेश करने का ऐमजॉन का प्रस्ताव 2017 में मंजूर किया था। उससे पहले 2016 में किसानों की मदद करने और रोजगार के मौके बढ़ाने के नाम पर इस सेगमेंट में सरकार ने 100 प्रतिशत एफडीआई की इजाजत दे दी थी। ऐसे वेंचर्स को ऐसे फूड आइटम्स ई-कॉमर्स और ऑफलाइन रिटेलिंग के चैनलों के जरिए बेचने की इजाजत दी गई थी, जिन्हें देश में तैयार किया गया हो और यहीं उनकी पैकेजिंग की गई हो। एआरआईपीएल को इसी नीति का लाभ लेने के लिए बनाया गया था और उसके प्रॉडक्ट्स मुख्य तौर पर एमेजॉनडॉटइन पर बेचे जाने थे।

 

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