श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय और राष्टï्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के बीच हुआ समझौता

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पलवल। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तत्वावधान में तथा कौशल विकास और उद्यमिता (एमएसडीई) राज्यमंत्री मंत्री अनंत कुमार हेगडे की गरिमामयी उपस्थिति में राष्टï्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण और भोपाल अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। समझौते का उद्देश्य कौशल भारत मिशन के अनुरूप भारत में उपलब्ध शिक्षा सेवाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग तथा सहयोग के लिए एक रूपरेखा स्थापित करना है।

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति राज नेहरू तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च के निदेशक डा. सी थंगराज (एनआईटीटीटीआर) ने विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियो की सांझेदारी हेतु कौशल विकास और उद्यमिता (एमएसडीई) राज्यमंत्री अनंत कुमार हेगड़े तथा एमएसडीई, ईगनू, एनआईटीटीटीआर और श्री विश्वकर्मा कौशल विकास विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए।

समझौते का मुख्य उदेश्य काउंसलर व प्रशिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान कर स्किल प्रशिक्षण के मूलभूत ढांचे को मजबूत करना है। इसमें एसवीएसयू के विभिन्न पाठ्ययक्रमों के लिए एनएसक्यूएफ के पाठ्ययक्रम को डिजाइन, विकसित और संशोधित करना, विभिन्न पाठ्ययक्रमों/ विषयों / विषयों के लिए लर्निंग रिसोर्स (एलआरज) पैकेज विकसित और विकसित करना, विभिन्न पाठ्ययक्रमों / विषयों / विषयों के लिए एमओओसी / एसडब्ल्यूएवाईएएम या किसी अन्य उपयुक्त मंच के माध्यम से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों और कार्यक्रमों की ई-शिक्षण सामग्री और वीडियो विकसित करना तथा छात्रों के विकास और मूल्यांकन दिशा-निर्देशों की रूपरेखा का आंकलन हेतु पोर्टफोलियो विकास योजना का डिजाइन और विकास करना आदि शामिल है।

कौशल विकास और उद्यमिता राज्यमंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा कि कई कौशल भारत के विजन और मिशन को आगे बढ़ाने के लिए श्री विश्वकर्मा विश्वविद्यालय और एनटीटीटीआर जैसे संगठनों द्वारा किए जा रहे प्रयासों से स्किल शिक्षा को गति मिलेगी। संयुक्त रूप से ऐसे अभिनव प्रशिक्षण और शैक्षिक कार्यक्रमों को डिजाइन विकसित करना होगा जो इंडस्ट्रीज की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हों।

कुलपति राज नेहरू ने कहा कौशल और रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षित प्रशिक्षकों और एनएसक्यूएफ संरेखित और अद्यतन पाठ्यक्रम आदि बुनियादी ढांचे के प्रमुख स्तम्भ है। श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय एनआईटीटीटीआर के साथ इस समझौते के माध्यम से नवीन प्रशिक्षण और शैक्षिक कार्यक्रमों के निर्माण में उल्लेखनीय योगदान करेगा। जोकि देश के प्रतिभाशाली युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के रोजगार व स्वरोजगार के बेहतरीन अवसरों के लिए सहयोग प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय का उद्देश्य पाठ्यक्रम, शिक्षाशास्त्र और प्रशिक्षकों के संदर्भ में व्यावसायिक शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने में योगदान करना तथा इसे एमओओसीज आदि तकनीकी के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को उपलब्ध करना है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च के निदेशक डॉ सी. थंगराज ने कहा कि मानव संसाधन विकास एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है तथा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ मिलकर इस दिशा में उल्लेखनीय योगदान प्रदान करेंगें।

डीन एकेडेमिक्स प्रोफेसर आर. एस. राठौर ने बताया कि आने वाले स्तर से ही इसके परिणाम देखने को मिलेंगें। डॉ ऋतु बजाज ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का धन्यवाद किया। इस आयोजन पर डॉ ए.के. जैन, डीन (प्रशासन), प्रोफेसर आरजी चौकसे, एनआईटीटीटीआर भोपाल के प्रोफेसर आरबी शिवा, इग्नू के निदेशक डॉ आरपी सिंह, एमएसडीई अभिनाश, परीक्षानियंत्रक श्रीमती चंचल भारद्वाज, सह निदेशक डॉ राज सिंह अंतिल, ओएसडी संजीव तायल और खुशबू आदि भी उपस्थित रहे।

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