चंडीगढ़ स्थित माॅनीटरिंग सैल की रिपोर्ट के अनुसार गुरूग्राम पहले स्थान पर

0
266

गुरुग्राम। सीएम विंडों के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निपटारा करने में गुरूग्राम जिला प्रदेश में पहले नंबर पर आया है। चंडीगढ़ स्थित माॅनीटरिंग सैल की रिपोर्ट के अनुसार गुरूग्राम जिला 86.58 प्वाइंटस लेकर पहले स्थान पर है और दूसरे स्थान पर जिला करनाल रहा है, जिसे 100 में से 85.32 प्वाइंटस मिले हैं।
प्रदेश में सभी सरकारी विभागों संबंधी शिकायतों के तत्परता से समाधान के लिए 25 दिसंबर 2014 को शिकायत निवारण एंड माॅनीटरिंग सिस्टम स्थापित किया गया है। यह प्रदेश सरकार का एक फलैगशिप कार्यक्रम है। सीएम विंडो काउंटर पर लोगों की शिकायतों का रजिस्ट्रैशन होता है। रजिस्ट्रेशन के बाद शिकायतकर्ता के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से रजिस्ट्रेशन नंबर जाता है। इस रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से शिकायतकर्ता अपनी शिकायत को पोर्टल पर ट्रैक कर सकता है। सीएम विंडो को लोगों की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी जिलों व उप मंडल स्तर पर चलाया जा रहा है।
गुरूग्राम के उपायुक्त अमित खत्री के अनुसार जिला गुरूग्राम में अब तक सीएम विंडो पर 5465 शिकायतों को सीएम विंडो के मुख्यालय से डाउनमार्किंग करके भेजा गया है जिनमें से 5271 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिला गुरूग्राम प्रदेश में सीएम विंडो पर शिकायत निवारण में 86.58 प्वाइंटस प्राप्त कर प्रथम स्थान पर है जबकि 85.32 प्वाइंटस के साथ जिला करनाल दूसरे स्थान पर है। जिला सोनीपत 83.09 प्वाइंटस प्राप्त करके तीसरे स्थान पर है। उपायुक्त ने बताया कि पिछले महीने की समीक्षा बैठक के दौरान गुरूग्राम जिला पहले स्थान पर आने से जरा सा चूक गया था और 81.3 प्वाइंटस हासिल करके दूसरे स्थान पर रहा था जबकि 81.68 प्वाइंटस के साथ कुरूक्षेत्र पहले स्थान पर रहा था। उपायुक्त ने कहा कि हमने और ज्यादा मेहनत की तथा स्टाफ को प्रोत्साहित रखा जो अधिकारियों को बार- बार फोन करके उनके विभाग से संबंधित शिकायतों का निपटारा करने की याद दिलाते रहे। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सीएम विंडो की नोडल अधिकारी नगराधीष मनीषा शर्मा को दिया और कहा कि उनकी मेहनत से शिकायतों का निपटारा जल्द हो सका है और गुरूग्राम जिला प्रदेश में पहले स्थान पर आया है। इसके डिलिंग असिस्टेंट आशु वशिष्ठ को भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
सीएम विंडो पर प्राप्त होने वाली शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय के सीएम सैल द्वारा समीक्षा की जाती है। सीएमजीजीए परियोजना के प्रौजेक्ट डायरेक्टर डा. राकेश गुप्ता द्वारा सीएम विंडो तथा सरकार के फलैगशिप कार्यक्रमों को लेकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की जाती है। प्रत्येक जिला में सीएम विंडो शिकायत निवारण का नोडल अधिकारी नगराधीश को बनाया गया है और जो जिला सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निपटारा नही करता है उनसे इसका कारण पूछा जाता है। इसके विपरित जिस जिला में नगराधीश द्वारा सीएम विंडो को लेकर अच्छा काम किया जा रहा है उनसे अपनी बैस्ट प्रैटिसेज शेयर करने के लिए कहा जाता है ताकि दूसरे जिले भी उसके अपनाकर अपनी रैंकिंग में सुधार ला सकें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here