कर्जमाफी नेताओं द्वारा दी जाने वाले एक रिश्वत : पाराशर

0
413
फरीदाबाद: देश की आम जनता रात दिन काम करती है और तमाम लोग अपनी कमाई  का कुछ हिस्सा सरकार को टैक्स के रूप में देते हैं  लेकिन कुछ सरकारें उस पैसे को दोनों हांथों से लुटा रहीं हैं। जो कभी टैक्स नहीं देते उनका बिजली पानी माफ़, कर्ज माफ़, ये हर आयकर दाता के साथ अन्याय है। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एल एन पाराशर का जिन्होंने कर्जमाफी को एक रिश्वत बताते हुए कहा कि कर्जमाफी मतदाताओं को एक खुली रिश्वत है।
 पाराशर ने कहा कि एक भारतीय टेक्स पेयर जो पिछले सत्तर साल से सरकार को टेक्स देता जा रहा है, ताकि देश की तरक्की हो। देश में अच्छी सड़कें, अच्छे पुल बनें, सेना को आधुनिक हथियार मिले लेकिन इस टेक्स का इस्तेमाल अगर कोई पोलिटिकल पार्टी वोट खरीदने के लिए करती है। पाराशर ने कहा कि कोई भी पोलिटिकल पार्टी, केश या कोई लालच देकर वोट नहीं खरीद सकती | लेकिन इन्हीं पोलिटिकल पार्टी के नेता स्टेज पर खड़े होकर रेग्यूलेशन की धज्जियां उड़ा देते हैं, जब ये कर्ज माफी की और मुफ्त बिजली पानी देने की बातें करते हैं।
पाराशर ने कहा कि नेता लोग जिनके कर्ज माफ़ करते हैं ऐसे लोगों को जब फसल बीमा योजना आदि है तो कर्ज माफी की जरूरत क्या है ? और जरूरत है भी तो उस गवर्नमेंट को निर्णय करने दो, जो चुनकर आती है। लेकिन कर्ज माफी के वायदे से कोई गवर्नमेंट आती है, तो ये तो एक प्रकार से वोट खरीदना, वोट के बदले केश रिश्वत देना ही हुआ।
पाराशर ने कहा कि मैं चुनाव आयोग को पत्र लिखूंगा कि मैं एक टेक्स पेयर हूँ और अगर यह होता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब बहुत सारे टेक्स पेयर टेक्स भरना बंद कर देंगे। बहुत जल्द देश में लोकसभा चुनाव हैं और चुनाव आयोग से मांग करूंगा कि लोन माफ़ करना, मुफ्त की चीजें बांटना, किसी भी इलेक्शन मेनिफेस्टो में एलाउड नहीं होना चाहिए।
वकील पाराशर ने कहा कि किसानों को कुछ इस तरह की सुविधाएँ दिए जाएँ ताकि उन्हें लोन लेने की जरूरत ही न पड़े। उन्होंने कहा कि किसानो की फसलें उचित मूल्य पर समय पर खरेदी जाएँ और अगर उन्हें कुदरती नुक्सान होता है तो सरकार उसकी तुरंत भरपाई करे क्यू कि कभी कभी खेतो में खड़ी फसलों पर मौसम की मार पड़ जाती है और किसान तवाह हो जाते है ऐसे समय पर उनकी तुरंत सहायता की जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसानो को ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दी जाएँ तो उन्हें कर्ज लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग से मांग करूंगा कि जनता को लालच देकर चुनाव लड़ने वाली राजनैतिक पार्टियों की मान्यता रद्द की जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here