बड़े बड़े अधिकारियों और बड़े नेता से मिलकर सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं 12th एवेन्यू के माफिया: पाराशर

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फरीदाबाद: हरियाणा सरकार भ्रष्टाचार के खात्मे का बार-बार बड़े बड़े दावे करती है लेकिन भ्रष्टाचार कम होने के बजाय और बढ़ा है और ये भ्रष्टाचार हरियाणा के कुछ सरकारी विभागों के अधिकारी और हरियाणा सरकार के बड़े बड़े नेता मिलकर कर रहे हैं। ये कहना है बार एसोशिएशन के पूर्व प्रधान एवं न्यायिक सुधार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट एल एन पाराशर का जिन्होंने शनिवार जारी एक प्रेस विज्ञाक्ति के माधयम से बताया कि हाल में मैंने फरीदाबाद की तहसील में हो रहे भ्रष्टाचार का सबूत सहित खुलासा किया था जिसमे मैंने बताया था कि फरीदाबाद की तहसील में एक स्टैम्प से दो रजिस्ट्री और उस फर्जी रजिस्ट्री पर 40 लाख का लोन लिया गया था जिसकी शिकायत मैंने फरीदाबाद के बड़े अधिकारियों और हरियाणा के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव से किया लेकिन अब तक भ्रष्टाचारियो पर कोई कार्यवाही नहीं हुई।

पाराशर ने कहा कि मैंने सबूत सहित खुलासा किया था कि 12th एवेन्यू सेक्टर 49 के रजिस्ट्री काण्ड में करोड़ों नहीं अरबों का चूना साकार को लगाया गया है और चूना लगाने वालों में जेई, एसडीओ, डीटीपी, सहित कई अधिकारी शामिल हैं। वकील पाराशर ने कहा कि सरकार तमाशा देख रही है और फरीदाबाद के अधिकारी मोटे पैसे लेकर बिना बच्चे पैदा हुए ही जन्मदिन का सर्टीफिकेट बना दे रहे हैं। वकील पाराशर ने कहा कि 12th एवेन्यू सेक्टर 49 में प्लाट नंबर 4837, 4836, 4818, 4815, 4816, 4817, 4814, 4822, 4819, 4820, 4821, 4827, 4829, 4828, 4830 के कंप्लीशन में बड़ा हेरफेर किया गया था और सम्बंधित अधिकारियों से मिलकर किया गया था । इन प्लाटों के कंप्लीशन के लिए आवेदन 10 नवम्बर 2017 को किया गया था। और14 नवम्बर को कंप्लीशन मिल भी गई।

जब इसकी जानकारी आरटीआई से माँगी गई तो बताया गया कि जेई, डीटीपी और एसडीओ ने 16 अगस्त 2017 को ही कंप्लीशन सर्वे रिपोर्ट पास कर रखी है यानी आवेदन के तीन महीने पहले ही कंप्लीशन दे दी।
उन्होंने बताया कि जेई आरिफ ने सर्वे रिपोर्ट पर 11 अगस्त 2018 को हस्ताक्षर किये, 16 अगस्त को डीटीपी महिपाल से उस कागज़ पर हस्ताक्षर किये। 17 अगस्त को उस कागज पर ज्वाइंट कमिशनर मुकेश सोलंकी के हस्ताक्षर हुए। जेई आरिफ उस दौरान सैनिक कालोनी या उस क्षेत्र के जेई नहीं थे। उसके बाद उस कागज़ पर एसडीओ ओपी मोर ने हस्ताक्षर किये जबकि जेई के बाद एसडीओ के हस्ताक्षर होने चाहिए थे। यहाँ इन अधिकारियों ने बेतुके तरीके से लेन देन करके हस्ताक्षर किये होंगे तभी ऐसा हुआ था। पाराशर के मुताबिक़ 12th एवेन्यू के तीनों मालिक इस गड़बड़झाले के जिम्मेदार हैं जिनमे आशीष मंचदा 2. Varun Manchanda  3. दीपक विरमानी मुख्य हैं और इस घोटाले में कई अधिकारी भी शामिल हैं और इस गड़बड़झाले की शिकायत मैंने जब बड़े महकमों में की तो कोई कार्यवाही नहीं हुई।
वकील पाराशर का कहना है शिकायत के बाद मेरे पास तीन बार एसडीएम दफ्तर से नोटिस  आया  और लास्ट बार 8 अप्रैल को मुझे पेश होने को कहा गया और जब मैं एसडीएम आफिस गया तो वहां कोई अधिकारी नहीं मिलता। पाराशर ने कहा कि मैं हर नोटिस के बाद एसडीएम दफ्तर गया लेकिन एक बार वहां कोई अधिकारी नहीं मिला। मुझसे दफ्तर में कहा जाता है कि साहब अभी नहीं हैं, थोड़ी देर में आएंगे, इन्तजार करें। पाराशर में कहा कि मैं इन्तजार करते करते वापस आ जाता हूँ और लास्ट नोटिस के समय मैं जब पेश हुआ तो मैंने वहां लिखित दिया कि आप मुझे बुलाते हैं लेकिन आप कभी मिलते नहीं हैं। पराशर ने कहा कि ऐसा जानबूझकर किया जाता है। ये सब भू माफियाओं से मिले हुए हैं और इन माफियाओं पर एक बड़े सत्ताधारी नेता का हाँथ है और अब मुझे सबूत भी मिल गया है कि आशीष मनचंदा , वरुण मनचंदा और  दीपक विरमानी पर  किस नेता का हाँथ है। पराशर ने कहा कि 12th एवेन्यू सेक्टर 49 के इन भूमाफियाओं ने अपने चाहते नेता और भ्रष्ट अधिकारियों से मिलकर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया है। पाराशर ने कहा कि अब मैं इन माफियाओं के खिलाफ 156/3 के तहत कोर्ट से मामला दर्ज करवाऊंगा। पाराशर ने कहा कि ये जिस नेता से मिलकर ये गड़बड़झाला कर रहे हैं उस नेता के साथ इनकी कई तस्वीरें और अन्य सबूत मेरे हाँथ लगे हैं जिसे बतौर सबूत मैं कोर्ट में पेश करूंगा। पाराशर ने कहा कि ऐसे भ्रष्टों पर अगर जल्द कार्यवाही न हुई तो ये फरीदाबाद को बेंचकर खा जाएंगे।

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