हरियाणा दिवस के उपलक्ष में एम वी एन विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का किया गया आयोजन

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फरीदाबाद :53वें हरियाणा दिवस के उपलक्ष में आज दिनांक 1 नवंबर को एम वी एन विश्वविद्यालय के तत्वाधान में फार्मेसी संकाय द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो.(डॉ.) जे वी देसाई ने बताया कि हरियाणा राज्य की स्थापना 1 नवंबर 1966 को भारत के 17वें राज्य के रूप में हुई। हरियाणा क्षेत्र वैदिक सभ्यता और सिंधु घाटी सभ्यता का मुख्य केंद्र रहा है इसके भूभाग में भारतीय इतिहास की कई निर्णायक लड़ाइयां लड़ी गई है। जिसमें महाभारत का युद्ध व पानीपत की लड़ाइयां प्रमुख हैं। हरियाणा ने विश्व को भगवत गीता का अमूल्य उपहार दिया है, जो हमें धर्म की स्थापना और रक्षा के लिए कर्म करने के मार्ग को प्रशस्त करता है।

कुलसचिव डॉ. राजीव रतन ने बताया कि हरियाणा का शाब्दिक अर्थ हरिहर की भूमि से है, यह संस्कृत के शब्द हरि और अयण से मिलकर बना है। दूसरी ओर मुन्नीलाल, मुरली चंद शर्मा, एच डी फड़के और सुखदेव सिंह छिब जैसे विद्वानों के अनुसार हरियाणा शब्द की उत्पत्ति हरि (हरित) और अरण्य (जंगल,भू-भाग) से हुई है। प्राचीन वैदिक सभ्यता भी सरस्वती नदी के आसपास फली फूली और ऋगवेद के मंत्रों की रचना भी यहीं हुई है।

फार्मेसी विभाग की संकायाध्यक्ष डॉ. ज्योति गुप्ता ने बताया 1 नवंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन अधिनियम एक्ट, 1966 के तहत हरियाणा राज्य का गठन हुआ। हरियाणा, उत्तर भारत का प्रमुख राज्य है जिसे भारत का ग्रीनलैंड कहा जाता है हरित क्रांति में हरियाणा का प्रमुख योगदान रहा है।

विभागाध्यक्ष तरुण विरमानी ने बताया कि हरियाणा खेलो में भी अव्वल रहता है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने ना सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी भारतीय तिरंगा लहराया है। हरियाणा के प्रमुख खेलों जैसे कबड्डी, कुश्ती और रस्साकसी में हरियाणा के खिलाड़ियों का लगभग 35% पदकों पर अपना परचम लहराया है। पुरातनवादी सोच को दरकिनार करते हुए हरियाणा की छोकरियों जैसी गीता, बबिता, साइना नेहवाल, रीतू, ममता, कृष्णा साक्षी मलिक, सोनिया लाठर, सविता पूनिया ने विदेशों में भी भारत व हरियाणा का नाम रोशन किया है।

इस अवसर पर छात्र अक्षय दहिया ने कविता के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानी जैसे अरुण आसिफ अली, सुचेता कृपलानी आदि शूरवीरों के चरित्र पर प्रकाश डाला कि कैसे हमें अपने समाज व राष्ट्र के प्रति समर्पित होना चाहिए। वह दूसरी ओर धीरेंद्र, रोहित, गौरव सिसोदिया और सोनल ने हरियाणा के सम्मान में देशभक्ति गीतों को समर्पित किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. राहुल वार्ष्णेय ने सभी लोगों का धन्यवाद किया और संकल्प करवाया कि हमें अपने राज्य और राष्ट्र के प्रति समर्पित होना है और हरियाणा को एक आदर्श अव्वल राज्य बनाना है।

इस अवसर पर सभी अध्यापक गण और कर्मचारी गण छात्र छात्राओं सहित उपस्थित थे।

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