विजयपत सिंघानिया से ग्रुप के मानद चेयरमैन की उपाधि छीन ली

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नई दिल्ली ।  विजयपत सिंघानिया से ग्रुप के मानद चेयरमैन की उपाधि छीन ली गई है। विजयपत और उनके बेटे गौतम सिंघानिया के बीच चल रहा तनाव गहरा गया है। विजयपत को एक पत्र के जरिए सूचना दी गई कि उनसे यह उपाधि छीनी जा रही है।

रेमंड के एक डायरेक्टर ने विजयपत सिंघानिया को एक पत्र भेजकर कंपनी के मानद चेयरमैन का टाइटल इस्तेमाल करने से मना किया था। इस पत्र में लिखा गया कि परिवार में क्या चल रहा है, इससे कंपनी का कोई वास्ता नहीं है और बोर्ड ने सिंघानिया के व्यवहार के कारण उनसे उपाधि छीनने का फैसला किया है। इसके जवाब में सिंघानिया ने लिखा कि जब तक उन्हें हटाने के बोर्ड के फैसले का सबूत नहीं मिलेगा, तब तक वह यह आदेश नहीं मानेंगे।

बता दें कि विजयपत और उनके बेटे गौतम के बीच काफी समय से तनाव चल रहा है। बीते 30 अगस्त को कंपनी के बोर्ड को लिखे लेटर में विजयपत ने उन्हें कंपनी से हटाने के लिए अपने बेटे की चालबाजी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे गौतम ने कई कीमती और असाधारण वस्तुएं वापस करने से इंकार कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि एक साल के भीतर जब कोई लगातार चार बोर्ड मीटिंग में नहीं आता है तो उससे पद छीन लिया जाता है। उन्होंने बताया कि कानून में मानद चेयरमैन की उपाधि की जिक्र नहीं है।

वहीं गौतम सिंघानिया ने इन आरोपों से इंकार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि मैं अपने पिता के ऐसे व्यवहार से दुखी हूं। अगर उन्हें कोई समस्या है तो मैं उनके सामने बैठकर सुलझाने को तैयार हूं। उन्होंने कहा कि उनके मानद चेयरमैन नहीं रहने से मेरा कोई लेनादेना नहीं है। यह बोर्ड का फैसला है इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं।

 

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