योगी सरकार के तीन साल, विवाद और विकास दोनों से रहा नाता

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यूपी ,प्रीती झा

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ  बतौर मुख्यमंत्री अपना तीन साल का कार्यकाल 19 मार्च के पूरा कर रहे हैं…. योगी सरकार के तीन साल के कार्यकाल को देखे तो सरकार विकास और विवाद दोनों के कारण चर्चा में रही है…. सीएए  के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा फैलाने वालों के पोस्टर लगाना,.. उनसे वसूली करने जैसे मुद्दे को लेकर सरकार जहां विवादों में रही वहीं सभी हिन्दू तीर्थ स्थलों पर तीर्थ विकास परिषद और कॉरिडोर बनाकर सरकार ने विकास की रफ्तार को तेज किया… राज्य में दो चरणों में हुई इन्वेस्टर्स मीट ने औद्योगिक निवेश की संभावनाओं के दरवाजे खोल दिए… ऐसे में विकास के वो रास्ते खुले जो वर्षों से बंद थे… योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जहां पहली बार अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन किया गया.., वहीं वाराणसी, अयोध्या और मथुरा में तीर्थ विकास परिषद बनाकर इन तीर्थ स्थलों पर विकास की रफ्तार तेज की गई… अयोध्या और मथुरा जैसे तीर्थ स्थल वर्षों से विकास की राह खोज रहे थे… लाखों पर्यटकों के आने और करोड़ों की आमदनी के बाद भी इन स्थलों पर वो मुलभूत सुविधाएं नहीं थीं, जिनकी जरूरत पर्यटकों को थी…. बात करें औद्योगिक विकास और रोजगार की तो योगी सरकार में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए इन्वेस्टर्स मीट जैसे आयोजन भी हुए जिनके 2 चरणों में 8 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश की संभावना बनी… योगी सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल तक के पिछड़े इलाकों को मुख्य शहरों से जोड़ने का काम करने के साथ-साथ यात्रा में लगने वाले समय को भी कम करने की पहल की है… पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्प्रेस-वे जैसी सड़कों से राज्य के पिछड़े हिस्सो को जोड़ा गया… वहीं डिफेंस कॉरिडोर के माध्यम से राज्य में रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियों के लिए दरवाजे भी खोल दिए गए… इन तीन सालों में योगी सरकार का विवादों से भी जमकर नाता रहा. केन्द्र सरकार के नागरिक संशोधन कानून लाने के बाद हो रहे विरोध को जिस तरह उत्तर प्रदेश में काबू पाया गया वैसा शायद किसी राज्य में नहीं हुआ… विरोध में शामिल लोगों से सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई और उनके पोस्टर लगाने पर विवाद अभी जारी है… इसके पहले राज्य भर में पुलिस मुठभेड़ को लेकर भी जमकर विवाद हुआ था…उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों हुई कई हत्यों को लेकर भी विपक्ष, सरकार पर हमलावर रहा और इसमें कई राजनीतिक मुद्दे भी बने… योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद ही अटकले लगाई जाने लगी थीं सीएम योगी अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा कर पाएगें या नहीं? क्योंकि इससे पहले उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकारों को इतिहास ठीक नहीं रहा था… योगी आदित्यनाथ को जब उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री चुना गया तब भी पार्टी के कई नेता दबे तौर पर तो कई खुले तौर पर इसका विरोध कर रहे थे…

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