योगी आदित्यनाथ-विजय रूपाणी की मुलाकात

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लखनऊ :  मुख्यमंत्री विजय रूपाणी आज को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। वैसे तो मुलाकात का मकसद सीएम योगी आदित्यनाथ को ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ यानी सरदार वल्लभभाई पटेल प्रतिमा के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता देना है। लेकिन इस मुलाकात के दौरान यूपी के लोगों पर गुजरात में हो रहे हमले का मुद्दा भी उठ सकता है। उधर बीती रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी इसी मुद्दे के खिलाफ गुजरात सीएम को काले झंडे दिखाए थे।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच यूपी के लोगों की गुजरात में सुरक्षा को लेकर बातचीत भी होगी। सीएम योगी से मुलाकात के बाद दोपहर दो बजे गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। इस दौरान भी इस मुद्दे पर विजय रूपाणी चर्चा कर सकते हैं। बता दें कि हाल ही में गुजरात यूपी के लोगों पर हमले के बाद बड़ी संख्या में यूपी के लोग प्रदेश में वापस आए हैं।

वैसे तो गुजरात की तरफ से प्रतिमा लोकार्पण के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सभी राज्यों को न्योता भेजा जा रहा है। लेकिन यूपी में न्योता देने के लिए गुजरात के सीएम के खुद आने को उत्तर प्रदेश के लोगों पर हुए हमले को लेकर देखा जा रहा है। गुजरात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है, वहीं वह वाराणसी से सांसद हैं।

उत्तर प्रदेश के लोगों पर हमले के बाद कांग्रेस, वाराणसी और यूपी के दूसरे जिलों में इसे मुद्दा बना रही है। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि इस मामले का डैमेज कंट्रोल करना भी रूपाणी के दौरे की अहम वजह हो सकती है।

इस बीच कानपुर गुजरात समाज के अध्यक्ष अशोल सल्वा ने टीओआई से कहा, ‘गुजरात में यूपी के लोगों के साथ जो कुछ भी हुआ, बहुत बुरा हुआ। यदि इस तरह की घटनाएं जारी रहीं तो हमलोग भी ऐसी ही प्रतिक्रिया देंगे। हमलोग इस मसले पर गुजरात के सीएम रूपाणी से बात करेंगे।’

इससे पहले रविवार रात को जब गुजरात सीएम लखनऊ पहुंचे तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया। काले झंडे दिखाते हुए कांग्रेसियों ने ‘विजय रूपाणी वापस जाओ’ के नारे भी लगाए। गुजरात सीएम को काले झंडे दिखाने के आरोप में 12 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हजरतगंज पुलिस ने हिरासत में लिया है।

31 अक्टूबर को दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैचू ऑफ यूनिटी का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना है। इस मूर्ति की ऊंचाई 182 मीटर है। यह मूर्ति अहमदाबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर नर्मदा जिले में स्थापित की जा रही है। यह मूर्ति सरदार सरोवर डैम के करीब है। मूर्ति को बनाने में करीब 25,000 टन लोहे का इस्तेमाल हुआ है। इसके लिए बीजेपी ने पूरे देश से लोहा इकट्ठा किया है। यह मूर्ति अमेरिका की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से करीब दोगुनी ऊंची है। स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 93 मीटर है।

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