ब्रह्मोस यूनिट से जासूसी के आरोप में एक कर्मचारी गिरफ्तार

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मुंबई।  ब्रह्मोस यूनिट से जासूसी के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश एंटी टेरर स्क्वॉड की टीम ने यह कार्रवाई की है। आरोपी शख्स का नाम निशांत अग्रवाल बताया जा रहा है। आरोप है कि ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट में काम करते हुए उसने ब्रह्मोस संबंधी तकनीकी और अन्‍य खुफिया जानकारियां पाकिस्‍तान और अमेरिका को पहुंचाई हैं।

निशांत अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने ‘ब्रम्होस’ मिसाइल से जुड़ी तकनीकी जानकारी अमेरिकी और पाकिस्तानी एजेंसी के साथ साझा की है। निशांत उत्तराखंड के रहने वाले हैं और पिछले चार साल से डीआरडीओ की नागपुर यूनिट में काम कर रहे हैं।कैसे काम करती है ब्रह्मोस मिसाइल

निशांत अग्रवाल पर आरोप है कि उन्होंने ‘ब्रम्होस’ मिसाइल से जुड़ी तकनीकी जानकारी अमेरिकी और पाकिस्तानी एजेंसी के साथ साझा की है। निशांत उत्तराखंड के रहने वाले हैं और पिछले चार साल से डीआरडीओ की नागपुर यूनिट में काम कर रहे हैं।

ब्रह्मोस मिसाइल आवाज की गति से करीब तीन गुना गति से हमला करने में सक्षम है। फाइटर जेट से मार करने में सक्षम ब्रह्मोस मिसाइल के इस परीक्षण को बेहद मारक क्षमता वाला कहा जा रहा है।हवा से जमीन पर मार करने वाले ब्रह्मोस मिसाइल का दुश्मन देश की सीमा में स्थापित आतंकी ठिकानों पर हमला बोलने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह मिसाइल अंडरग्राउंड परमाणु बंकरों, कमांड ऐंड कंट्रोल सेंटर्स और समुद्र के ऊपर उड़ रहे एयरक्राफ्ट्स को दूर से ही निशाना बनाने में सक्षम है।

ब्रह्मोस कम दूरी की सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है। इसे पनडुब्बी से, पानी के जहाज से, विमान से या जमीन से भी छोड़ा जा सकता है। यह कम ऊंचाई पर तेजी से उड़ान भरती है और इस तरह से रडॉर की आंख से बच जाती है। ब्रह्मोस का पहल सफल लॉन्च 12 जून, 2001 को हुआ था। इसका ओडिशा के चांदीपुर तट से परीक्षण किया गया था। इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है।

 

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